बंगाल चुनाव 2026: वाममोर्चा और लिबरेशन के बीच ऐतिहासिक गठबंधन, 10 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की रणभेरी बज चुकी है और इस बार राज्य में एक नई राजनीतिक धुरी उभरती दिख रही है। वाममोर्चा (Left Front) और सीपीआईएमएल लिबरेशन (CPIML Liberation) ने हाथ मिलाकर चुनाव लड़ने का औपचारिक फैसला किया है। मंगलवार रात को लिबरेशन की राज्य कमेटी ने 10 महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए। यह गठबंधन न केवल भाजपा के ‘फासीवादी आक्रमण’ को रोकने के लिए है, बल्कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के ‘कुशासन’ के खिलाफ एक मजबूत विकल्प पेश करने का दावा भी करता है।
उम्मीदवारों की सूची और महिला प्रतिनिधित्व: पार्टी के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने उम्मीदवारों की घोषणा करते हुए खुशी जाहिर की कि 10 में से 6 सीटों पर महिलाओं को मौका दिया गया है।
- फांसीदेवा (ST): सुमंती एक्का
- भरतपुर: जिन्नातुन नहार गुलशन बेगम
- बहरामपुर: अबुल काशेम शेख
- कृष्णनगर दक्षिण: लाबनी जंगी
- नैहाटी: देवज्योति मजूमदार
- बजबज: काजल दत्त
- रासबिहारी: मानस घोष
- धनेखली (SC): रूमा आहेरी
- बिष्णुपुर: तीतास गुप्ता
- पूर्वस्थली दक्षिण: जियादुल शेख
लोकतंत्र पर हमले का आरोप: लिबरेशन नेता अभिजीत मजूमदार ने इस दौरान चुनाव आयोग पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बिना पूर्ण मतदाता सूची प्रकाशित किए ही चुनाव की तारीखों का ऐलान करना असंवैधानिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों वैध मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं और जीवित लोगों को मृत दिखाकर उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया गया है। मजूमदार ने स्पष्ट किया कि जहां वाममोर्चा या लिबरेशन के उम्मीदवार नहीं होंगे, वहां वे भाजपा और टीएमसी को हराने के लिए एसयूसीआई (SUCI) जैसे अन्य वामपंथी दलों का समर्थन करेंगे।
दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि 2021 में हमने एकतरफा वाममोर्चा का समर्थन किया था, लेकिन इस बार विमान बसु और मोहम्मद सलीम के साथ कई दौर की बैठकों के बाद यह साझा गठबंधन तैयार हुआ है। बंगाल की सड़कों पर अब लाल झंडा अन्याय और विभाजन की राजनीति के खिलाफ मजबूती से लहराएगा।