अली लारीजानी के अंत के साथ क्या खत्म हुई शांति की उम्मीद? मिडिल ईस्ट में मची भारी खलबली

ईरान के दिग्गज राजनेता अली लारीजानी की मौत ने पश्चिम एशिया के युद्ध की पूरी तस्वीर बदल दी है। इजरायली हमले में उनके मारे जाने के बाद अब ईरान में कूटनीति के रास्ते लगभग बंद होते दिख रहे हैं। लारीजानी ईरान के उन गिने-चुने नेताओं में से थे जो कट्टरपंथियों और उदारवादियों के बीच एक सेतु का काम करते थे। उनकी मौत के बाद अब तेहरान की बागडोर मोहम्मद-बाकेर कलिबाफ जैसे कट्टरपंथियों के हाथों में जाने की आशंका है।

कूटनीति पर प्रहार: विशेषज्ञों का मानना है कि इजरायल जानबूझकर उन चेहरों को निशाना बना रहा है जो इस युद्ध का राजनीतिक समाधान निकाल सकते थे। लारीजानी की कमी से ईरान की विदेश नीति और भी आक्रामक हो सकती है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के गैस गोदाम पर हुए ताजा हमले और तेल की बढ़ती कीमतों ने अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मुश्किलों को भी बढ़ा दिया है। ईरान का शासन तंत्र अब पहले से कहीं अधिक अस्थिर और खतरनाक मोड़ पर खड़ा है।

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