“बेवजह झगड़ा करने से क्या फायदा?” दलबदल की अफवाहों के बीच बीजेपी के पुराने शेर की दहाड़, देखें इंटरव्यू

बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले बीजेपी के कद्दावर नेता दिलीप घोष एक बार फिर सक्रिय राजनीति के केंद्र में लौट आए हैं। खड़गपुर सदर सीट से टिकट मिलना और ब्रिगेड रैली में उनकी मौजूदगी इस बात का साफ संकेत है कि बीजेपी अपने इस ‘पुराने चावल’ पर दांव लगा रही है। पिछले कुछ समय में दिलीप घोष की शादी, दीघा के मंदिर में ममता बनर्जी से मुलाकात और उनके टीएमसी में जाने की अटकलों ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। लेकिन इन सभी विवादों को पीछे छोड़ते हुए दिलीप घोष अब अपने पुराने अंदाज में नजर आ रहे हैं। न्यूज़18 नेटवर्क के एडिटर ईस्ट, विश्व मजूमदार को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने अपनी शादी और राजनीति पर बेबाकी से बात की।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सार्वजनिक रूप से शादी की मिठाई मांगे जाने पर दिलीप घोष ने कहा, “मोदी जी से मेरा रिश्ता बहुत पुराना है। वे अक्सर सबके सामने कहते हैं कि दिलीप को मैं बहुत समय से जानता हूँ। उनका मजाकिया अंदाज सबको पसंद आया और मुझे भी इसमें बहुत आनंद मिला।” हालांकि, अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “मेरी शादी का विरोध सिर्फ बाहर नहीं, बल्कि पार्टी के अंदर भी हुआ था। कुछ लोगों को जलन थी कि दिलीप को इतनी पब्लिसिटी क्यों मिल रही है। लेकिन अब जब खुद मोदी जी ने मिठाई मांगी है, तो किसी की कुछ बोलने की हिम्मत नहीं है।”
शादी के बाद स्वभाव में आए बदलाव पर पूछे गए सवाल के जवाब में दिलीप घोष ने थोड़ी दार्शनिक बात कही। उन्होंने कहा, “राजनीति में मैंने बहुत धक्के खाए हैं, मेरी गाड़ियां तोड़ी गईं, मैं अकेला लड़ा। लेकिन अब समझ आता है कि बेकार में झगड़ा करने से कोई फायदा नहीं है। आज जो इस पार्टी में है, कल वो कौन सा झंडा थाम ले, इसकी कोई गारंटी नहीं है।” राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दिलीप घोष का यह बदला हुआ और संयमित अंदाज विरोधियों के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। खड़गपुर की जंग में अब देखना दिलचस्प होगा कि दिलीप का यह ‘नया अवतार’ जनता को कितना लुभाता है।