सुबह उठते ही सिरदर्द और दिनभर थकान? कहीं आप भी तो नहीं हैं ‘स्लीप एपनिया’ के शिकार? जानिए क्यों जरूरी है इलाज

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ती जीवनशैली के कारण कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इनमें से एक ‘स्लीप एपनिया’ (Sleep Apnea) है, जिसे अक्सर लोग साधारण समझकर टाल देते हैं। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें नींद के दौरान सांस बार-बार रुकती और शुरू होती है। इसके मुख्य रूप से दो प्रकार होते हैं— ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) और सेंट्रल स्लीप एपनिया। ओएसए (OSA) सबसे आम है, जो तब होता है जब गले की मांसपेशियां सांस के रास्ते में रुकावट पैदा करती हैं।
स्लीप एपनिया के प्रमुख लक्षण:
- तेज खर्राटे लेना: खर्राटे केवल गहरी नींद का संकेत नहीं हैं, बल्कि यह सांस की नली के सिकुड़ने की चेतावनी हो सकते हैं। यदि आपके खर्राटे दूसरों की नींद खराब कर रहे हैं, तो सावधान हो जाएं।
- सांस रुकने के कारण जागना: यदि आप रात में अचानक हांफते हुए या दम घुटने के अहसास के साथ जागते हैं, तो इसका मतलब है कि मस्तिष्क आपको सांस लेने के लिए मजबूर कर रहा है। यह हृदय पर भारी दबाव डालता है।
- दिनभर सुस्ती और थकान: रात में ७-८ घंटे सोने के बाद भी यदि आप सुबह ताजगी महसूस नहीं करते और ऑफिस या ड्राइविंग के दौरान नींद आती है, तो यह आपकी नींद की गुणवत्ता खराब होने का संकेत है।
- सुबह का सिरदर्द: रातभर शरीर में ऑक्सीजन की कमी और कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ने के कारण सुबह उठते ही सिर के दोनों हिस्सों में भारीपन या दर्द महसूस हो सकता है।
इलाज क्यों है अनिवार्य? स्लीप एपनिया केवल नींद की कमी नहीं है। यदि समय पर इसका इलाज नहीं किया गया, तो यह उच्च रक्तचाप (High BP), टाइप-२ मधुमेह और स्ट्रोक जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकता है। स्वस्थ जीवन के लिए डॉक्टर से सलाह लेना और जरूरत पड़ने पर स्लीप स्टडी कराना बेहद जरूरी है।