फराक्का BDO ऑफिस का ‘SIR’ विवाद पड़ा भारी? टिकट न मिलने पर मोनिरुल ने बयां किया अपना दर्द, देखें रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार सूची आने के बाद मुर्शिदाबाद के फराक्का में बगावत के सुर तेज हो गए हैं। फराक्का विधानसभा सीट से टिकट न मिलने पर नेता मोनिरुल इस्लाम ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को फराक्का विधायक भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें फराक्का BDO कार्यालय में ‘SIR’ (सर) संबोधन वाले मुद्दे पर विरोध करने की सजा दी गई है। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि आम जनता के हक की लड़ाई लड़ने के कारण उन्हें राजनीतिक रूप से “बलि का बकरा” बनाया गया है।

मोनिरुल इस्लाम पिछले काफी समय से फराक्का ब्लॉक ऑफिस में प्रशासनिक ढिलाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखर रहे हैं। खासकर बी़डीओ ऑफिस में अधिकारियों को ‘सर’ कहने की अनिवार्यता और जनता के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर उन्होंने विरोध जताया था। मोनिरुल का दावा है कि इसी वजह से पार्टी ने उन्हें इस बार चुनावी मैदान से बाहर रखा है। उन्होंने कहा, “मैंने बस इतना चाहा था कि आम आदमी को उसका अधिकार मिले। क्या सच बोलना और सिस्टम के खिलाफ लड़ना अब अपराध बन गया है?”

इस बयान के बाद फराक्का की स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई है। मोनिरुल के समर्थकों में जबरदस्त आक्रोश है और वे उन्हें निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि टिकट कटने का यह गुस्सा चुनाव के नतीजों पर क्या असर डालता है और क्या मोनिरुल का यह विद्रोह टीएमसी के आधिकारिक उम्मीदवार के लिए मुश्किल खड़ी करेगा।

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