बेलियाघाटा के रण में कुणाल! उम्मीदवार बनते ही नंदीग्राम के सियासी दंगल में लगाई आग; बीजेपी को दी चुनौती

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए टीएमसी ने बेलियाघाटा सीट से अपने कद्दावर नेता और प्रवक्ता कुणाल घोष को मैदान में उतारा है। उम्मीदवार के रूप में नाम घोषित होते ही कुणाल घोष अपने पुराने और आक्रामक अंदाज में नजर आए। उन्होंने न केवल अपनी जीत का दावा किया, बल्कि राज्य के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी विस्फोटक टिप्पणी कर दी है।

शुभेंदु अधिकारी की होगी करारी हार: कुणाल घोष नंदीग्राम में इस बार मुकाबला बेहद कड़ा है, जहाँ टीएमसी ने पवित्र कर को शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ खड़ा किया है। कुणाल घोष ने आत्मविश्वास के साथ कहा, “शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम और भवानीपुर, दोनों ही केंद्रों पर हारने वाले हैं। नंदीग्राम में उन्हें पवित्र कर के हाथों शिकस्त मिलेगी।” कुणाल का मानना है कि नंदीग्राम की जनता इस बार ‘धोखाधड़ी’ का जवाब वोट से देगी।

भवानीपुर पर भी तीखा तंज कुणाल घोष ने शुभेंदु को घेरते हुए कहा कि वे कहीं भी चले जाएं, जनता उन्हें स्वीकार नहीं करेगी। बेलियाघाटा से खुद प्रत्याशी होने के बावजूद कुणाल का पूरा ध्यान शुभेंदु अधिकारी के गढ़ को ढहाने पर है। राजनीतिक गलियारों में कुणाल की इस टिप्पणी को मनोवैज्ञानिक युद्ध (Psychological Warfare) के रूप में देखा जा रहा है।

बेलियाघाटा में कुणाल का जोश बेलियाघाटा टीएमसी का मजबूत इलाका रहा है और कुणाल घोष के आने से यहाँ कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखा जा रहा है। कुणाल ने साफ कर दिया है कि उनका चुनाव प्रचार केवल विकास के मुद्दों पर नहीं, बल्कि विरोधियों को बेनकाब करने पर भी आधारित होगा। नंदीग्राम की हार को लेकर किए गए उनके दावे ने बंगाल की चुनावी तपिश को और बढ़ा दिया है।

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