रहने के लिए जेब पर भारी पड़ रहे हैं भारत के ये शहर, मुंबई है सबसे महंगा! कोलकाता की स्थिति देख चौक जाएंगे आप

साल 2026 में भारत के विभिन्न शहरों में रहने की लागत (Cost of Living) में काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। एक अंतरराष्ट्रीय संस्था द्वारा जारी हालिया आंकड़ों के अनुसार, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई रहने के लिए सबसे महंगा शहर बनकर उभरी है। वहीं, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता अब भी प्रमुख मेट्रो शहरों में सबसे सस्ता और किफायती बना हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में भारत के किसी भी बड़े शहर में एक व्यक्ति के जीवित रहने के लिए घर के किराए को छोड़कर औसतन 27,300 रुपये प्रति माह की आवश्यकता होती है। यदि परिवार में चार सदस्य हैं, तो यह खर्च बढ़कर 98,000 रुपये तक पहुंच जाता है। मुंबई में रहने का खर्च सबसे अधिक है, जहां एक व्यक्ति को अपने दैनिक खर्चों के लिए महीने में 30,000 से 60,000 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। दिल्ली भी इस मामले में मुंबई के करीब ही है, जहां दैनिक आवश्यकताओं पर खर्च काफी ज्यादा है।
दिलचस्प बात यह है कि हैदराबाद और पुणे जैसे शहर आवास की खरीद-बिक्री और क्रय शक्ति (Purchasing Power) के मामले में दिल्ली और मुंबई से आगे निकल गए हैं। लेकिन जब बात बजट में रहने की आती है, तो कोलकाता बाजी मार लेता है। कोलकाता में एक व्यक्ति 20,000 से 40,000 रुपये के बीच आराम से रह सकता है।
महंगाई के इस दौर में रहने की लागत मुख्य रूप से भोजन, परिवहन और बिजली-पानी जैसे बिलों पर निर्भर करती है। सर्वे के अनुसार, प्रमुख क्षेत्रों में एक बीएचके (1BHK) फ्लैट का औसत किराया 14,000 रुपये के आसपास है, जबकि बाहरी इलाकों में यह 9,000 रुपये तक मिल सकता है। बेंगलुरु और चेन्नई जैसे शहरों में भी जीवनयापन की लागत में वृद्धि दर्ज की गई है, लेकिन कोलकाता अब भी आम आदमी की जेब के लिए सबसे अनुकूल है।