अधिकारी परिवार का दबदबा! सुवेंदु के बाद अब भाई दिव्येंदु भी चुनावी मैदान में, बीजेपी ने इस सीट से बनाया उम्मीदवार!

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव २०२६ के लिए बीजेपी की दूसरी सूची ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। नंदीग्राम और भवानीपुर से सुवेंदु अधिकारी की उम्मीदवारी के बाद, अब अधिकारी परिवार के एक और सदस्य की एंट्री हो गई है। सुवेंदु अधिकारी के मंझले भाई और तमलुक के पूर्व सांसद दिव्येंदु अधिकारी को बीजेपी ने एगरा विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
पुराना अनुभव और नई चुनौती दिव्येंदु अधिकारी का विधायी राजनीति में लंबा अनुभव रहा है। वह २००९ और २०११ में कांथी दक्षिण सीट से विधायक रह चुके हैं। इसके बाद वह २०१६ के उपचुनाव और २०१९ के लोकसभा चुनाव में तमलुक से सांसद चुने गए थे। हालांकि, २०२४ के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने उनकी जगह पूर्व जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय को टिकट दिया था, जिसके बाद से उनके भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। अब एगरा से उन्हें टिकट देकर बीजेपी ने साफ कर दिया है कि वह पूर्वी मेदिनीपुर में ‘अधिकारी फैक्टर’ को नजरअंदाज नहीं कर सकती।
एगरा सीट का खास इतिहास एगरा सीट का अधिकारी परिवार से पुराना नाता है। २००६ में दिव्येंदु के पिता शिशिर अधिकारी ने इसी सीट से तत्कालीन मंत्री प्रबोध सिन्हा को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। अब उसी विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दिव्येंदु के कंधों पर है। वर्तमान में सुवेंदु के छोटे भाई सौमेंदु अधिकारी कांथी से सांसद हैं, ऐसे में दिव्येंदु की उम्मीदवारी से जिले में बीजेपी की पकड़ और मजबूत होने की संभावना है।
बीजेपी की रणनीति बीजेपी की १११ उम्मीदवारों की इस दूसरी सूची में कई बड़े नाम शामिल हैं, लेकिन दिव्येंदु अधिकारी का नाम सबसे ज्यादा चौंकाने वाला और प्रभावी माना जा रहा है। एगरा में उनकी टक्कर सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस के गढ़ से होगी। पार्टी को उम्मीद है कि दिव्येंदु का जमीनी अनुभव और परिवार का प्रभाव इस सीट पर जीत दिलाने में मददगार साबित होगा।