बंगाल चुनाव के लिए इलेक्शन कमीशन का 10 सूत्री ‘मास्टर प्लान’, विशेष पर्यवेक्षकों को मिली कमान

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की घोषणा के साथ ही चुनाव आयोग ने अपनी कमर कस ली है। चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए विशेष पर्यवेक्षकों (Special Observers) के लिए 10 सूत्रीय दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन पर्यवेक्षकों की मुख्य जिम्मेदारी संवेदनशील इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना होगा कि स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से तटस्थ रहे।
मंगलवार को आयोग ने पश्चिम बंगाल और असम के साथ-साथ बिहार, झारखंड, ओडिशा और सिक्किम जैसे पड़ोसी राज्यों के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय सीमा बैठक की। इस बैठक में अवैध नकदी, शराब और हथियारों की तस्करी रोकने के लिए सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ाने का फैसला लिया गया। आयोग ने निर्देश दिया है कि पर्यवेक्षकों को मतदान से पहले बूथों का दौरा करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि मतदाता बिना किसी डर के अपना वोट डाल सकें।
गाइडलाइंस में यह भी कहा गया है कि मतदान के बाद और मतगणना के दिन तक कड़ी निगरानी रखी जाएगी। किसी भी गड़बड़ी की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने और आयोग को रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया गया है। चुनाव आयोग के इन सख्त नियमों ने राजनीतिक दलों के बीच हलचल पैदा कर दी है, जबकि आयोग का दावा है कि ये कदम केवल लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए उठाए गए हैं।