“मरते दम तक मिलेगी लक्ष्मी भंडार की राशि”, उत्तर बंगाल में ममता बनर्जी की बड़ी हुंकार

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर उत्तर बंगाल में सियासी पारा अपने चरम पर है। मयनागुड़ी की एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी प्रमुख योजना ‘लक्ष्मी भंडार’ को लेकर ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “यह योजना केवल चुनाव के लिए नहीं है। जब तक आप जीवित रहेंगी, तब तक लक्ष्मी भंडार की राशि मिलती रहेगी। यहां तक कि 60 वर्ष की आयु के बाद भी इसे बंद नहीं किया जाएगा।”
ममता बनर्जी ने इस दौरान बीजेपी शासित राज्यों, विशेषकर बिहार की स्थिति पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल झूठे वादे करता है। बिहार में ‘अन्नपूर्णा भंडार’ के नाम पर महिलाओं को ठगा गया। चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे किए गए, लेकिन चुनाव बीतते ही वहां गरीबों के घरों पर बुलडोजर चला दिया गया। दीदी ने दावा किया कि अन्य राज्य पश्चिम बंगाल की योजनाओं की नकल करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे इसमें पूरी तरह विफल रहे हैं। केंद्र की आयुष्मान भारत योजना पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि वहां कई शर्तें हैं, लेकिन बंगाल की ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना का लाभ राज्य के 9 करोड़ लोगों को बिना किसी भेदभाव के मिल रहा है।
भाषण के अंत में ममता बनर्जी ने एनआरसी (NRC) के मुद्दे पर केंद्र सरकार को कड़ी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि बीजेपी लोगों के मताधिकार छीनने की कोशिश कर रही है और डिटेंशन कैंप बनाने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री ने गरजते हुए कहा, “जब तक मैं जीवित हूं, बंगाल में एनआरसी और डिटेंशन कैंप कभी नहीं होने दूंगी। मेरे बाद आने वाली पीढ़ियां भी इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेंगी।” उत्तर बंगाल की रैलियों के जरिए ममता ने साफ कर दिया है कि 2026 की जंग में विकास और अस्मिता ही उनके सबसे बड़े हथियार होंगे।