‘एजेंसी से काम नहीं बना, तो अब EVM हैक करेगी बीजेपी!’ सयानी घोष का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला!

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव २०२६ से पहले तृणमूल कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को कोलकाता स्थित तृणमूल भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जादवपुर की सांसद सयानी घोष और वरिष्ठ नेता ब्रात्य बसु ने गंभीर आरोप लगाए। सयानी घोष ने दावा किया कि जब बीजेपी डरा-धमकाकर या केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करके टीएमसी को नहीं रोक पाई, तो अब वह ईवीएम (EVM) हैक करने की साजिश रच रही है।
अधिकारियों के तबादले पर सवाल: सयानी घोष ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग बीजेपी के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा, “राज्य के ७३ रिटर्निंग ऑफिसर और डीजी, एडीजी (कानून व्यवस्था) जैसे शीर्ष अधिकारियों का रातों-रात तबादला करना एक बड़ी राजनीतिक साजिश का हिस्सा है।” सयानी के अनुसार, बीजेपी चुनाव जीतने के लिए प्रशासनिक ढांचे को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है।
भ्रष्ट पर्यवेक्षकों का आरोप: ब्रात्य बसु ने कुछ विशिष्ट पर्यवेक्षकों (Observers) के नामों का खुलासा करते हुए चौंकाने वाले दावे किए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी दूसरे राज्यों से ‘दागी’ और ‘भ्रष्ट’ अधिकारियों को बंगाल भेज रही है।
- मालदा (गाजोल): महाराष्ट्र के ८००० करोड़ रुपये के एम्बुलेंस टेंडर घोटाले में शामिल धीरज कुमार को यहाँ का ऑब्जर्वर बनाया गया है।
- बोनगांव दक्षिण: मध्य प्रदेश के अजय कटिसारिया, जिन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों में बीजेपी सरकार ने क्लीन चिट दी थी, उन्हें यहाँ नियुक्त किया गया है।
ब्रात्य बसु ने इसे ‘सिस्टमैटिक करप्शन’ करार दिया। टीएमसी नेताओं का कहना है कि बंगाल की जनता इस तरह की धांधली और ध्रुवीकरण की राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगी। इन आरोपों ने राज्य में चुनावी सरगर्मी को सातवें आसमान पर पहुँचा दिया है।