महंगाई की मार से बेहाल है जेब? साइकिल के पहिए जैसी डगमगाती इकोनॉमी को संभालने के ५ कारगर उपाय!

मुद्रास्फीति यानी ‘इन्फ्लेशन’ को आसान भाषा में समझना हो तो यह साइकिल के पहिए में भरी हवा की तरह है। हवा सही हो तो सफर सुहाना होता है, लेकिन हवा कम या ज्यादा होने पर टायर फटने का डर रहता है। वर्तमान ईरान-इजरायल युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग अब भारत सहित दुनिया भर में महंगाई बढ़ा रही है।
आम आदमी पर असर जब तेल महंगा होता है, तो ट्रांसपोर्टेशन से लेकर फैक्ट्री में बनने वाले सामान तक सब कुछ महंगा हो जाता है। कंपनियां मुनाफा बचाने के लिए छंटनी शुरू कर देती हैं, जिससे बेरोजगारी बढ़ती है और आम आदमी की खरीदने की शक्ति (Purchasing Power) कम हो जाती है। महंगाई को रोकने के लिए आरबीआई (RBI) जैसे केंद्रीय बैंक ‘रेपो रेट’ बढ़ा देते हैं, जिससे आपके होम लोन और पर्सनल लोन की ईएमआई महंगी हो जाती है।
बचने के लिए क्या करें? १. खर्चों पर नियंत्रण: गैर-जरूरी विलासिता के खर्चों को फिलहाल टाल दें। २. सही निवेश: ऐसी जगह पैसे लगाएं जहां मिलने वाला रिटर्न महंगाई की दर से अधिक हो। ३. कर्ज से तौबा: क्रेडिट कार्ड या पर्सनल लोन जैसे ऊंचे ब्याज वाले कर्ज को जल्द से जल्द चुकाएं। ४. अतिरिक्त आय: अपनी स्किल्स को बढ़ाकर कमाई के नए जरिए तलाशें। ५. विविध निवेश: सारा पैसा एक ही जगह न लगाकर गोल्ड, स्टॉक्स और एफडी जैसे अलग-अलग एसेट्स में बांटें।