वीरभूम में हाईकोर्ट के आदेशों की उड़ी धज्जियां! रामनवमी के जुलूस में लहराई गईं नंगी तलवारें और कुल्हाड़ी

पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच वीरभूम जिले से कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। कलकत्ता उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद कि रामनवमी के जुलूस में हथियारों का उपयोग नहीं किया जाएगा, जिले के विभिन्न हिस्सों में तलवारें, कुल्हाड़ी और अन्य धारदार हथियार लहराते हुए शोभायात्रा निकाली गई। सिउड़ी, दुबराजपुर और रामपुरहाट जैसे इलाकों में युवाओं को खुलेआम हथियारों के साथ डीजे की धुन पर नाचते हुए देखा गया, जिसने सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा कर दी।

इस विवाद में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कई जगहों पर भाजपा के उम्मीदवारों और स्थानीय नेताओं को इन रैलियों का नेतृत्व करते हुए देखा गया। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और सिउड़ी से उम्मीदवार जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने इसे ‘राम भक्ति का उत्साह’ करार देते हुए हथियारों की मौजूदगी से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि लोग “राम मोह” में डूबे हुए हैं और यह उनकी खुशी का प्रदर्शन है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो भाजपा नेताओं के दावों की पोल खोल रहे हैं।

तृणमूल कांग्रेस ने इस घटनाक्रम पर कड़ा रुख अपनाते हुए चुनाव आयोग और भाजपा को निशाने पर लिया है। टीएमसी के बीरभूम जिला उपाध्यक्ष मलय मुखर्जी ने कहा कि भाजपा संविधान और कानून की परवाह नहीं करती है। चूंकि वर्तमान में पुलिस प्रशासन चुनाव आयोग के अधीन है, इसलिए ममता बनर्जी ने पहले ही आशंका जताई थी कि रामनवमी पर किसी भी हिंसा के लिए भाजपा और आयोग जिम्मेदार होंगे। पूरे जिले में हथियारों के इस खुले प्रदर्शन के दौरान पुलिस की अनुपस्थिति ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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