“मेरी छाती पर पैर रखा और बंदूक तानी…”, दिनहाटा में टीएमसी कार्यकर्ता की आपबीती से मचा हड़कंप!

पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले का दिनहाटा इलाका एक बार फिर राजनीतिक हिंसा और विवादों के केंद्र में है। दिनहाटा के निवर्तमान विधायक उदयन गुहा के करीबी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ता राणा बनिक ने बीजेपी उम्मीदवार अजय राय और उनके केंद्रीय सुरक्षाकर्मियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि गुरुवार को दिनहाटा स्टेशन पाड़ा इलाके में टीएमसी कार्यकर्ता को घेरकर न केवल गाली-गलौज की गई, बल्कि केंद्रीय सुरक्षा बलों ने उनकी छाती पर पैर रखकर बंदूक तान दी।
टीएमसी कार्यकर्ता की आपबीती राणा बनिक के अनुसार, वह स्टेशन पाड़ा स्कूल के पास थे जब बीजेपी उम्मीदवार अजय राय की गाड़ी ने उनका रास्ता रोका। बनिक का आरोप है, “अजय राय गाड़ी से उतरे और मुझे गालियां देने लगे। उनके सुरक्षाकर्मियों ने मुझे जमीन पर पटक दिया और मेरी छाती पर चढ़ गए। उन्होंने मेरी छाती पर बंदूक टिका दी और अजय राय ने अपनी कमर से पिस्तौल दिखाकर मुझे जान से मारने की धमकी दी। मैं बहुत डरा हुआ हूं और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगा रहा हूं।” इस मामले को लेकर टीएमसी ने चुनाव आयोग और स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
बीजेपी का पलटवार: बुजुर्ग नेता की पिटाई का दावा बीजेपी उम्मीदवार अजय राय ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह टीएमसी की सहानुभूति बटोरने की साजिश है। राय ने आरोप लगाया कि राणा बनिक और उनके साथियों ने बीजेपी के मंडल उपाध्यक्ष, 65 वर्षीय श्यामुल भौमिक की बेरहमी से पिटाई की। अजय राय ने कहा, “एक बुजुर्ग व्यक्ति को बिना किसी कारण के पीटा गया। जब मैंने वहां जाकर विरोध किया, तो अब वे मुझ पर झूठे आरोप लगा रहे हैं। हमने भी आयोग को सूचित किया है।”
सियासी बयानबाजी तेज घटना के बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं ने दिनहाटा थाने का घेराव किया। उदयन गुहा के बेटे और जिला टीएमसी सचिव सायंतन गुहा ने कहा कि हार के डर से बीजेपी उम्मीदवार इस तरह की गुंडागर्दी पर उतारू हो गए हैं। वहीं अजय राय ने पलटवार करते हुए कहा कि जनता तय करेगी कि कौन जीतेगा। दिनहाटा में बढ़ते इस तनाव ने आगामी मतदान से पहले सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।