पीएम मोदी और जापान का बड़ा धमाका! समंदर में भारत की बादशाहत तय करेगा यह जादुई रडार

भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग अब एक ऐसे स्तर पर पहुंच गया है जो एशिया की सुरक्षा रणनीति को बदल कर रख देगा। जापानी राजदूत ओनो केइची ने शुक्रवार को घोषणा की कि दोनों देश जल्द ही ‘यूनिकॉर्न’ (यूनिफाइड कॉम्प्लेक्स रेडियो एंटीना) रडार सिस्टम के संयुक्त उत्पादन पर काम शुरू करेंगे। यह तकनीक भारतीय नौसेना को समंदर का ‘अदृश्य शिकारी’ बना देगी।
क्या है यूनिकॉर्न रडार की ताकत? यूनिकॉर्न सिस्टम एक अत्याधुनिक तकनीक है जो युद्धपोत के सभी रडार, संचार और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को एक ही एकीकृत ढांचे में समेट देती है। इससे जहाज का ‘रडार सिग्नेचर’ कम हो जाता है, जिससे दुश्मन के रडार के लिए भारतीय जहाजों को पकड़ना नामुमकिन हो जाएगा। यह तेज डेटा प्रोसेसिंग और सटीक निगरानी के मामले में दुनिया का सबसे उन्नत सिस्टम माना जाता है।
रणनीतिक साझेदारी में नया मोड़ नवंबर 2024 में हुए इस समझौते के बाद भारत, फिलीपींस के बाद जापान से यह तकनीक पाने वाला दूसरा एशियाई देश बन गया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और जापानी नेताओं के बीच हुई हालिया चर्चा में इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा करने पर सहमति बनी है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific) में चीन की बढ़ती दादागिरी को रोकने के लिए यह रडार गेमचेंजर साबित होगा।