“ममता की फोटो क्यों?” सवाल पूछते ही लहूलुहान हुए शिक्षक! राणाघाट में चुनाव कर्मी पर हमले से भड़के शुभेंदु

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले हिंसा का दौर शुरू हो गया है। नदिया जिले के राणाघाट में चुनावी ट्रेनिंग के दौरान एक प्राथमिक शिक्षक सैकत चटर्जी पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता सरकार पर तीखा हमला बोला है और राज्य को ‘कानूनविहीन’ करार दिया है।
विवाद की वजह आरोप है कि राणाघाट देवनाथ इंस्टीट्यूशन में चल रही चुनावी ट्रेनिंग के दौरान जायंट स्क्रीन पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तस्वीर वाला विज्ञापन दिखाया जा रहा था। जब शिक्षक सैकत चटर्जी ने चुनाव आचार संहिता का हवाला देते हुए इस पर आपत्ति जताई, तो बीडीओ ऑफिस के कर्मचारियों ने उन्हें घेरकर बुरी तरह पीटा। शुभेंदु अधिकारी का आरोप है कि कर्मचारी टीएमसी के गुंडों की तरह व्यवहार कर रहे थे।
शुभेंदु अधिकारी का पलटवार शुभेंदु ने सोशल मीडिया पर घायल शिक्षक की स्थिति साझा करते हुए लिखा, “यह कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि टीएमसी की ‘आतंक की संस्कृति’ है। बंगाल में प्रशासन गुंडे चला रहे हैं।” उन्होंने कहा कि यहाँ शिक्षक और डॉक्टर भी सुरक्षित नहीं हैं अगर वे सत्ता पक्ष की मनमानी पर सवाल उठाते हैं।
चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग शुभेंदु अधिकारी ने भारत निर्वाचन आयोग से इस मामले में तुरंत दखल देने और दोषियों के खिलाफ हत्या के प्रयास की धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अपराधियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।