ईंधन संकट के बीच मोदी सरकार का मास्टरस्ट्रोक! एक्साइज ड्यूटी में ₹10 की कमी, फिर भी क्यों नहीं घटा रेट?

मिडल ईस्ट में जारी युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी उछाल के बीच मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेट्रोल और डीजल पर ‘उत्पाद शुल्क’ (Excise Duty) में प्रति लीटर 10 रुपये की कटौती की घोषणा की। हालांकि, आम जनता के लिए पेट्रोल पंपों पर कीमतें फिलहाल स्थिर रहेंगी।
क्या सस्ता होगा पेट्रोल? फिलहाल आम ग्राहकों के लिए कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा। सरकार का यह कदम तेल कंपनियों (OMC) को हो रहे भारी नुकसान से बचाने के लिए है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जिससे कंपनियों को डीजल पर ₹45 और पेट्रोल पर ₹25 प्रति लीटर का घाटा हो रहा था। सरकार ने टैक्स कम करके इस घाटे की भरपाई की है ताकि देश में तेल की सप्लाई रुकने न पाए।
पीएम मोदी का संकल्प वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य हमेशा आम नागरिक को वैश्विक अस्थिरता से सुरक्षित रखना है। जहां दुनिया भर में तेल के दाम 50% तक बढ़ गए हैं, वहीं भारत ने टैक्स कम करके जनता पर बोझ नहीं पड़ने दिया। इसके साथ ही, देश में ईंधन की कमी न हो, इसके लिए डीजल और हवाई ईंधन (ATF) के निर्यात पर अतिरिक्त टैक्स लगाया गया है।