चीनी ड्रोन पार्ट्स पर पाबंदी! भारतीय सेना के लिए रक्षा मंत्रालय ने तैयार किया ‘सुरक्षा कवच

आधुनिक युद्ध में ड्रोन की बढ़ती भूमिका को देखते हुए रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना के लिए सुरक्षा के नए मानक तय किए हैं। शुक्रवार को मंत्रालय ने 34 पन्नों का एक मसौदा (Draft) जारी किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य ड्रोन को हैकिंग, डेटा चोरी और साइबर हमलों से पूरी तरह सुरक्षित बनाना है।

चीन पर कड़ा प्रहार नए नियमों के तहत, अब कंपनियों को यह प्रमाणित करना होगा कि उनके ड्रोन में कोई चीनी पुर्जा या हानिकारक सॉफ्टवेयर कोड नहीं है। सेना पहले ही चीनी पुर्जों वाले कई ड्रोन सौदों को रद्द कर चुकी है। अब हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों की गहन जांच के बाद ही ड्रोन को सेना में शामिल किया जाएगा।

सुरक्षा जांच के मुख्य बिंदु:

  • GPS जैमिंग से बचाव: दुश्मन ड्रोन का कंट्रोल न छीन सके, इसके लिए सुरक्षित बूट और एन्क्रिप्शन टेस्ट अनिवार्य होगा।
  • फ्लाइट कंट्रोलर की जांच: सबसे संवेदनशील हिस्सों जैसे सेंसर और जीपीएस की बारीकी से जांच की जाएगी। मंत्रालय का लक्ष्य ‘डिजाइन द्वारा सुरक्षित’ (Secure by Design) ड्रोन बनाना है, जो भविष्य के युद्धों में भारत की तकनीकी शक्ति को सुनिश्चित करेगा।

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