वोटर लिस्ट पर घमासान और पुनर्वास का दांव! रानीगंज की रैली में ममता ने भाजपा को घेरा, कर दी पैसों की बारिश

शनिवार को चुनाव प्रचार के दौरान रानीगंज पहुंचीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भूधंसाव प्रभावित (Land Subsidence) क्षेत्रों के निवासियों के लिए एक बड़े पुनर्वास पैकेज की घोषणा की है। लोगों की जान-माल की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने एक ऐसी योजना पेश की है, जो इलाके की दशकों पुरानी समस्या का समाधान कर सकती है।
पुनर्वास पैकेज की मुख्य विशेषताएं: मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार उन परिवारों की मदद के लिए पूरी तरह तैयार है जो जोखिम भरे क्षेत्रों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को तैयार हैं। इस विशेष पैकेज के तहत:
- सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट होने वाले प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये की नकद सहायता दी जाएगी।
- पुनर्वास के हिस्से के रूप में प्रत्येक परिवार को दो-दो फ्लैट दिए जाएंगे।
- सामान शिफ्ट करने और परिवहन का पूरा खर्च राज्य सरकार खुद उठाएगी।
ममता बनर्जी ने जानकारी दी कि सरकार ने पहले ही 2000 फ्लैट तैयार कर लिए हैं और आने वाले समय में 4000 और फ्लैट बनाए जाएंगे। हालांकि, उन्होंने यह साफ कर दिया कि यह फैसला किसी पर थोपा नहीं जाएगा। उन्होंने अपील करते हुए कहा, “मैं किसी पर दबाव नहीं डाल रही हूं, बस आपके भविष्य की चिंता कर रही हूं। यदि कोई बड़ी आपदा आती है, तो हजारों लोगों की जान जोखिम में पड़ जाएगी।”
वोटर लिस्ट पर भाजपा पर हमला: मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग और भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जानबूझकर लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “एक बूथ पर अगर 500 नाम हैं, तो 400 को हटाया जा रहा है। यह लोकतंत्र के साथ मजाक है। भाजपा अपनी सीमाओं को लांघ रही है और हम इसे सफल नहीं होने देंगे।”
सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश: राजनीति के बीच ममता बनर्जी ने एकता का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा, “चाहे रामनवमी हो, दुर्गा पूजा, ईद या क्रिसमस, हम बंगाल में सभी त्योहार एक साथ मनाते हैं। हमारा समाज सभी धर्मों और समुदायों से मिलकर बना है। एक उंगली से मुट्ठी नहीं बनती, समाज तभी आगे बढ़ता है जब हम सब मिलकर चलते हैं।”
रानीगंज की इस घोषणा को आगामी चुनावों के मद्देनजर एक बड़ा ‘गेमचेंजर’ माना जा रहा है, जिससे प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।