भवानीपुर बना रणक्षेत्र! अमित शाह के काफिले पर बरसे जूते, सुरक्षा घेरा तोड़कर नीचे उतरे गृहमंत्री

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कोलकाता का भवानीपुर इलाका गुरुवार को राजनीतिक हिंसा और अराजकता का गवाह बना। भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी के नामांकन के लिए पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रोड शो के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो गई। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि सुरक्षा कारणों से अमित शाह को अपने काफिले से बीच रास्ते में ही नीचे उतरना पड़ा।
गुरुवार दोपहर जब अमित शाह और सुवेंदु अधिकारी का भव्य रोड शो हाजरा मोड़ से गुजर रहा था, तभी वहां पहले से मौजूद टीएमसी कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते ‘गो बैक’ के नारों से पूरा इलाका गूँज उठा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विरोध प्रदर्शन ने तब हिंसक मोड़ ले लिया जब भीड़ की ओर से अमित शाह के काफिले को निशाना बनाकर जूते और पत्थर फेंके जाने लगे। इसके जवाब में भाजपा कार्यकर्ता भी उग्र हो गए और दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले।
हंगामा इतना बढ़ गया कि पुलिस के लिए भीड़ को नियंत्रित करना लगभग असंभव हो गया। सुरक्षा घेरे में तैनात कमांडो ने तुरंत अमित शाह को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। इस दौरान करीब आधे घंटे तक सड़क पर यातायात पूरी तरह ठप रहा और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने इस हमले को ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया है और आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी की हार के डर से टीएमसी हिंसा पर उतारू है। वहीं, टीएमसी नेतृत्व ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि स्थानीय लोगों ने भाजपा की ‘बाहरी राजनीति’ के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया है। भवानीपुर की इस घटना ने चुनाव से पहले बंगाल के सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुँचा दिया है और चुनाव आयोग इस मामले पर कड़ी नजर रख रहा है।