बंगाल चुनाव रद्द कर लागू होगा राष्ट्रपति शासन! सागरदिघी की रैली से ममता बनर्जी का बड़ा दावा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव २०२६ से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर एक बहुत बड़ा और गंभीर आरोप लगाया है। गुरुवार को सागरदिघी में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि बीजेपी राज्य में चुनाव रद्द करवाकर ‘राष्ट्रपति शासन’ लागू करने की साजिश रच रही है। उन्होंने मालदा में जजों के घेराव की घटना को भी इसी साजिश का हिस्सा बताया।

ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “प्रशासन अब मेरे नियंत्रण में नहीं है। चुनाव आयोग ने मेरी सारी शक्तियां छीन ली हैं और वे गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों पर काम कर रहे हैं। राज्यपाल की मदद से राज्य में ‘सुपर राष्ट्रपति शासन’ चलाया जा रहा है।” मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बीजेपी जानबूझकर लोगों को उकसा रही है ताकि हिंसा हो और चुनाव प्रक्रिया को बाधित कर बंगाल पर जबरन कब्जा किया जा सके।

मालदा की घटना पर सफाई देते हुए ममता ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा, “मुझे एक पत्रकार से पता चला कि जजों को बंधक बनाया गया है। मुख्य सचिव ने मुझे एक बार भी फोन नहीं किया।” बता दें कि मतदाता सूची से नाम कटने के विरोध में ग्रामीणों ने सात न्यायिक अधिकारियों को घंटों बंधक बनाकर रखा था।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की बेंच ने इसे न्यायपालिका के काम में “जानबूझकर बाधा” डालने की कोशिश बताया है। अदालत ने राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और चुनाव आयोग को सुरक्षा के लिए पर्याप्त केंद्रीय बल तैनात करने का आदेश दिया है। ममता के इस बयान ने बंगाल की चुनावी लड़ाई को और भी आक्रामक बना दिया है।

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