सावधान! उकसावे में आए तो जेल जाओगे; मालदा की हिंसा के बाद ममता दीदी ने दी बड़ी चेतावनी

मालदा में जारी राजनीतिक तनाव के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को मुर्शिदाबाद के सूती और सागरदिघी में चुनावी रैलियों के दौरान शांति की अपील की। ममता बनर्जी ने बीजेपी, कांग्रेस और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी (AIMIM) पर राज्य में जानबूझकर अशांति फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे विरोध करें, लेकिन हिंसा का रास्ता न चुनें।
सूती की सभा में मुख्यमंत्री ने युवाओं को सचेत करते हुए कहा, “बीजेपी और हैदराबाद से आए ओवैसी जैसे लोग आपको उकसा सकते हैं। अगर हमारे छोटे लड़के हिंसा में फंसकर गिरफ्तार हो गए, तो उनका करियर बर्बाद हो जाएगा। तब ‘आम भी जाएगा और छला (छिलका) भी’।” उन्होंने नाम लिए बिना असदुद्दीन ओवैसी और हुमायूं कबीर को ‘हांदा-भोंदा’ (मूर्ख) कहते हुए आरोप लगाया कि ये लोग बीजेपी से पैसे लेकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
सागरदिघी की सभा में भीड़ कम होने पर मुख्यमंत्री ने अपनी नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने संगठन की ढिलाई पर असंतोष जताया लेकिन मतदाताओं को भरोसा दिलाया कि किसी को भी ‘डिटेंशन कैंप’ नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने वादा किया कि चुनाव आचार संहिता के कारण रुकी हुई ‘लक्ष्मी भंडार’ और ‘युवश्री’ जैसी योजनाओं का लाभ चुनाव के तुरंत बाद बहाल कर दिया जाएगा।
सियासी जानकारों का मानना है कि शुक्रवार (जुम्मा) को संभावित तनाव की आशंका को देखते हुए ममता बनर्जी ने यह शांति संदेश दिया है। वहीं, हुमायूं कबीर ने पलटवार करते हुए कहा कि “कौन हिंसा फैलाना चाहता है, यह सबको पता है और ४ मई को नतीजे सब साफ कर देंगे।”