“सुरक्षित समुद्री मार्ग ही हमारी प्राथमिकता”, ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच भारत का कड़ा रुख

मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही ठप होने के कगार पर है। इस वैश्विक संकट पर चर्चा के लिए ब्रिटेन द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक में भारत ने हिस्सा लिया। भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ६० से अधिक देशों के सामने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में ‘फ्री नेविगेशन’ (अबाध आवाजाही) के महत्व को रेखांकित किया।
ईरान ने कई देशों के तेल टैंकरों पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे वैश्विक बाजार में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत लगातार ईरान और अन्य संबंधित पक्षों के संपर्क में है। भारत की इसी कूटनीति का असर है कि पिछले कुछ दिनों में ६ भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से इस जलमार्ग को पार कर सके हैं। भारत ने स्पष्ट किया है कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और कूटनीतिक बातचीत के जरिए ही इस संकट को सुलझाया जाना चाहिए।