शाकाहारी होगी धर्मनगरी हरिद्वार! अर्ध कुंभ से पहले शहर से बाहर शिफ्ट होंगी मांस की दुकानें!

देवभूमि उत्तराखंड की पावन नगरी हरिद्वार में आगामी अर्ध कुंभ मेले की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी कड़ी में हरिद्वार नगर निगम एक बड़ा और कड़ा कदम उठाने जा रहा है। तीर्थनगरी की मर्यादा और स्वच्छता बनाए रखने के लिए अब शहर के भीतर चल रही मांस की दुकानों को शहर की सीमा से बाहर भेजने की तैयारी शुरू हो गई है।

६ अप्रैल को पेश होगा प्रस्ताव हरिद्वार की मेयर किरण जायसवाल के मुताबिक, शहर की सभी कच्चा मांस बेचने वाली दुकानों को उपनगरीय इलाके ‘सराय गांव’ में स्थानांतरित करने का एक ड्राफ्ट तैयार किया गया है। आगामी ६ अप्रैल को नगर निगम की बोर्ड बैठक में इसे मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। वर्तमान नियमों के अनुसार, हर की पौड़ी के ५ किलोमीटर के दायरे में मांस, शराब और अंडे की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध है, फिर भी कई इलाकों में अवैध रूप से दुकानें चल रही हैं। निगम ने केवल २० दुकानों को लाइसेंस दिया है, लेकिन धरातल पर इनकी संख्या कहीं ज्यादा है।

गंदगी और आवारा कुत्तों की समस्या मेयर का कहना है कि इन अवैध दुकानों के कारण न केवल धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं, बल्कि सड़कों पर फेंके जाने वाले मांस के कचरे की वजह से आवारा कुत्तों की संख्या और उनका आतंक भी बढ़ गया है। इससे श्रद्धालुओं को काफी परेशानी होती है। नए प्रस्ताव के तहत अवैध दुकानों को हटाने के साथ-साथ उन पर भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। इसके अलावा, होटलों और ढाबों में पका हुआ मांस परोसने पर भी पाबंदी को लेकर चर्चा हो सकती है।

धार्मिक संगठनों का समर्थन इस ऐतिहासिक फैसले का अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अर्ध कुंभ में करोड़ों श्रद्धालु आएंगे, ऐसे में मांस-मदिरा की मौजूदगी धर्म के विरुद्ध है। प्रदेश के मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने भी आश्वासन दिया है कि कुंभ मेले के दौरान धार्मिक भावनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ज्वालापुर और जगजीतपुर जैसे इलाकों में चल रही मांस की दुकानों के खिलाफ अब निर्णायक कार्रवाई की उम्मीद है।

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