कालियाचक कांड में NIA की धमाकेदार एंट्री! जजों को बंधक बनाने के पीछे टीएमसी मंत्री का हाथ?

पश्चिम बंगाल चुनाव २०२६ के रण में शुक्रवार की सुबह भारी गहमागहमी लेकर आई है। मालदा के कालियाचक में सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने की घटना पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त नाराजगी के बाद, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की १० सदस्यीय टीम जांच के लिए रवाना हो गई है। टीम आज ही घटना स्थल का दौरा करेगी और पीड़ित जजों से बात करेगी। इस मामले की रिपोर्ट ६ अप्रैल तक सौंपी जानी है।
गिरफ्तारी और सियासी साजिश पुलिस ने कालियाचक हिंसा के मुख्य आरोपी एमआईएम (AIMIM) नेता मोफ़क्केरुल इस्लाम को बागडोगरा एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है, जो भागने की फिराक में था। इसी बीच, विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया है कि इस पूरी घटना के पीछे टीएमसी का शीर्ष नेतृत्व और मंत्री सबीना यास्मिन हैं। अमित मालवीय ने एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि हिंसा से कुछ देर पहले सबीना प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रही थीं। हालांकि, सबीना ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
कोलकाता में हादसा और राजनीतिक जंग कोलकाता के रेड रोड पर आज सुबह एक तेज रफ्तार कंटेनर पलट जाने से यातायात बाधित हो गया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के जरिए दुर्घटना के कारणों का पता लगा रही है। दूसरी ओर, टीएमसी ने शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन पर मतदाताओं को उकसाने और आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।
आयोग का सख्त रुख चुनाव आयोग ने गुरुवार से ही पूरे राज्य में अवैध जमावड़े पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। अब बिना अनुमति के कोई भी रैली या सभा करना नामुमकिन होगा और उल्लंघन करने वालों को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा। आज उत्तर बंगाल में ममता बनर्जी और दक्षिण बंगाल में अभिषेक बनर्जी की रैलियां होनी हैं, जहां कालियाचक मामले और आयोग के कड़े फैसलों पर राजनीतिक वार-पलटवार तेज होने की उम्मीद है।