इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में भारी उछाल! मिडिल ईस्ट जंग के बीच २८ रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ ईंधन!

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब भारतीय उद्योगों पर साफ दिखने लगा है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने औद्योगिक उपयोग के लिए डीजल की कीमतों में २५ प्रतिशत से अधिक की भारी बढ़ोतरी की है। इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम जैसी कंपनियों ने औद्योगिक डीजल के दाम में २८.२२ रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया है।
उद्योगों के लिए बढ़ी चुनौती ताजा बढ़ोतरी के बाद, उद्योगों को सीधे सप्लाई किए जाने वाले हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमत १३७.८१ रुपये प्रति लीटर हो गई है। पिछले दो हफ्तों में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले २० मार्च को भी कीमतों में करीब २२ रुपये का इजाफा किया गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि डीजल और फर्नेस ऑयल (जिसकी कीमत २३.७७ रुपये बढ़ी है) के महंगे होने से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उत्पादन लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ने वाली महंगाई के रूप में दिख सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों का असर कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत १०८.४० डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। इसी दबाव के कारण प्रीमियम पेट्रोल (XP100) के दाम भी १४९ रुपये से बढ़ाकर १६० रुपये कर दिए गए हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि आम उपभोक्ताओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।