बंगाल में धारा-१४४ जैसा सख्त पहरा! बिना अनुमति सभा या रैली पर पूर्ण प्रतिबंध, सीधे गिरफ्तारी का आदेश

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव २०२६ के मद्देनजर चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए अब तक का सबसे सख्त कदम उठाया है। गुरुवार से पूरे राज्य में अवैध जमावड़े पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। आयोग के नए निर्देश के अनुसार, अब किसी भी राजनीतिक दल, संगठन या व्यक्ति को बिना पूर्व अनुमति के जुलूस निकालने, सभा करने या भीड़ इकट्ठा करने की इजाजत नहीं होगी। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले को मौके पर ही गिरफ्तार करने का निर्देश जारी किया गया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय की सुरक्षा को लेकर भी आयोग ने कड़े नियम बनाए हैं। अब किसी भी व्यक्ति या प्रतिनिधिमंडल को सीईओ कार्यालय जाने के लिए पहले से आधिकारिक अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति प्रवेश वर्जित कर दिया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं, ‘बीएलओ रक्षा कमेटी मंच’ को लेकर भी आयोग ने अंतिम चेतावनी जारी की है। सूत्रों के मुताबिक, यदि इस मंच के सदस्य दोबारा विरोध प्रदर्शन करने या मंच बनाकर हंगामे की कोशिश करते हैं, तो संबंधित कर्मचारियों को बिना किसी देरी के तत्काल प्रभाव से निलंबन (Suspension) का पत्र थमा दिया जाएगा। चुनाव से पहले सरकारी तंत्र में अनुशासन बनाए रखने और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने यह कड़ा रुख अपनाया है। अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया गया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए।