ट्रंप की धमकी पर ईरान का पलटवार! “आसानी से नहीं छोड़ेंगे”, पश्चिम एशिया में महायुद्ध का खतरा

ईरान के कारज में स्थित मध्य एशिया के सबसे ऊंचे ‘बी-१’ ब्रिज को अमेरिकी और इजरायली मिसाइलों द्वारा जमींदोज किए जाने के बाद, अब तेहरान ने जवाबी कार्रवाई के लिए कमर कस ली है। गुरुवार को ईरानी मीडिया ने फारस की खाड़ी क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण पुलों की एक सूची जारी की है। समाचार एजेंसी ‘अनादोलु’ के अनुसार, यह ईरान की ‘जैसे को तैसा’ नीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह अमेरिका के मित्र देशों के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की योजना बना रहा है।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के निशाने पर अब कुवैत का ‘शेख जाबेर अल-अहमद अल-सबाह’ ब्रिज, सऊदी और बहरीन को जोड़ने वाला ‘किंग फहद कॉजवे’ और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के ‘शेख जायद’ और ‘शेख खलीफा’ जैसे प्रमुख पुल शामिल हैं। इसके अलावा जॉर्डन के ‘किंग हुसैन’ और ‘अब्दून’ ब्रिज को भी इस हिट-लिस्ट में रखा गया है। तेहरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने गौरवशाली पुल की तबाही का बदला जरूर लेगा।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस तबाही की तस्वीरें साझा करते हुए ईरान को चेतावनी दी थी कि वह उसे ‘पत्थर युग’ में भेज देंगे। ट्रंप ने हुंकार भरते हुए कहा था, “अभी बहुत कुछ बाकी है, बिजली संयंत्र भी नहीं बचेंगे।” ईरान का आरोप है कि कारज में बचाव दल पर दोबारा हमला कर अमेरिका ने युद्ध अपराध किया है। ट्रंप के सख्त तेवरों और ईरान की जवाबी तैयारियों ने पूरे पश्चिम एशिया को एक भीषण सैन्य संघर्ष की दहलीज पर खड़ा कर दिया है।