पेड़ों को बचाने के लिए ‘ट्री-ट्रैप’ अभियान! कीड़ों को खत्म करने के लिए वन विभाग की नई रणनीति

उत्तराखंड के देहरादून वन प्रभाग में साल (Shal) के पेड़ों पर एक खतरनाक कीट ‘साल बोरर’ या ‘हप्लो’ (Hoplo) का प्रकोप देखा गया है। वन मंत्री सुबोध उनियाल के अनुसार, थानो, असरौरी और झाझरा रेंज में लगभग १९,१७० साल के पेड़ इस कीट से बुरी तरह प्रभावित हैं। संक्रमण को स्वस्थ पेड़ों तक फैलने से रोकने के लिए राज्य सरकार ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से इन पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी है।
वन अनुसंधान संस्थान (FRI) की टीम ने सर्वे में पाया कि हप्लो का लार्वा साल के पेड़ों की जड़ों और तनों में छेद करके उन्हें अंदर से खोखला कर देता है, जिससे पेड़ धीरे-धीरे सूखकर मर जाते हैं। वन विभाग ने इस समस्या से निपटने के लिए ‘ट्री-ट्रैप’ (Tree-Trap) अभियान चलाने का फैसला किया है। इस विधि में साल के लट्ठों को बारिश के पानी में रखा जाता है, जिससे निकलने वाली गंध कीड़ों को आकर्षित करती है और फिर उन्हें मिट्टी के तेल की मदद से नष्ट कर दिया जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले साल हुई असामान्य बारिश और जलवायु परिवर्तन इस कीट के बढ़ने का मुख्य कारण हो सकते हैं। वन मंत्री ने कहा कि साल के वनों की सुरक्षा के लिए इस मामले की वैज्ञानिक जांच की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी आपदा को रोका जा सके।