बड़ी खुशखबरी! अब छोटी गलतियों पर नहीं होगी जेल, ‘जन विश्वास बिल’ से 1000 अपराध हुए खत्म

भारत सरकार ने व्यापार और आम जीवन को आसान बनाने के उद्देश्य से संसद में ऐतिहासिक ‘जन विश्वास बिल’ (Jan Vishwas Bill) पारित कर दिया है। राजपत्र (Gazette) में अधिसूचना जारी होते ही यह कानून का रूप ले लेगा। इस बिल के माध्यम से देश के 80 केंद्रीय कानूनों में संशोधन किया गया है, जिससे लगभग 1,000 छोटी-मोटी गलतियों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसे ‘इज ऑफ लिविंग’ की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया है।
अब जेल नहीं, सिर्फ जुर्माना: इस नए कानून के तहत ड्राइविंग लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बाद भी वह 30 दिनों तक वैध माना जाएगा। साथ ही, नेशनल हाईवे पर यातायात बाधित करने जैसे मामलों में अब 5 साल तक की जेल की सजा को खत्म कर केवल ‘दीवानी दंड’ (जुर्माना) में बदल दिया गया है। झूठा फायर अलार्म बजाने या जन्म-मृत्यु की जानकारी देने में देरी को भी अब अपराध नहीं माना जाएगा।
उद्योगों और किसानों के लिए राहत: पशुओं द्वारा फसल के नुकसान या आवारा पशुओं को छोड़ने पर अब जेल नहीं, बल्कि संशोधित ‘कैटल ट्रेसपास एक्ट’ के तहत सिर्फ जुर्माना लगेगा। बिजली कानून और ‘ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट’ के उल्लंघन पर भी कारावास की सजा को समाप्त कर दिया गया है। पहली बार गलती करने वालों के लिए काउंसलिंग और चेतावनी का प्रावधान रखा गया है, ताकि उन्हें सुधरने का मौका मिले। बिल में प्रावधान है कि जुर्माने की राशि हर तीन साल में 10 प्रतिशत बढ़ेगी। इस कानून से अदालतों पर बोझ कम होगा और पुलिसिया हस्तक्षेप में भी कमी आएगी।