रिटायर होगी ‘पृथ्वी’ मिसाइल! भारत बना रहा है और भी खतरनाक बैलिस्टिक हथियार, DRDO ने शुरू किया काम

भारतीय रक्षा क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। 1980 के दशक में विकसित भारत की पहली स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइल ‘पृथ्वी’ (Prithvi) अब इतिहास बनने जा रही है। डीआरडीओ (DRDO) अब अगली पीढ़ी की एक ऐसी कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल पर काम कर रहा है, जो पूरी पृथ्वी सीरीज की जगह लेगी। यह नया मिसाइल सिस्टम आधुनिक युद्ध की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है, जो पहले से कहीं अधिक सटीक और घातक होगा।

पृथ्वी मिसाइल की सबसे बड़ी कमी इसका ‘लिक्विड फ्यूल’ सिस्टम था, जिसे लॉन्च से ठीक पहले भरना पड़ता था। यह प्रक्रिया न केवल समय लेने वाली थी बल्कि युद्ध के मैदान में असुरक्षित भी थी। नया मिसाइल सिस्टम उन्नत ‘सॉलिड प्रोपल्शन’ तकनीक पर आधारित होगा, जिससे इसे तुरंत फायर किया जा सकेगा।

हालांकि पहले चर्चा थी कि ‘प्रलय’ मिसाइल पृथ्वी की जगह लेगी, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार डीआरडीओ एक विशेष और नया सिस्टम तैयार कर रहा है। यह नई मिसाइल 500 से 1000 किलोग्राम तक के हथियार ले जाने में सक्षम होगी और अपनी उड़ान के दौरान दिशा बदलकर दुश्मन के राडार को चकमा देने में माहिर होगी। इस कदम से भारतीय सेना और वायुसेना की मारक क्षमता में जबरदस्त इजाफा होगा।

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