आम आदमी पार्टी में बड़ी दरार! राघव चड्ढा को पद से हटाया, सांसद ने कहा- “खामोश कराया है, हारा नहीं हूं”

आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर मचे घमासान ने अब सार्वजनिक रूप ले लिया है। पार्टी ने अपने तेजतर्रार सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता (Deputy Leader) के पद से हटा दिया है। इस बड़ी कार्रवाई के तुरंत बाद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए लिखा, “साइलेंस्ड, बट नॉट डिफीटेड” (खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं)। राघव के इस तेवर ने साफ कर दिया है कि वह पार्टी के इस फैसले से बेहद आहत हैं और झुकने को तैयार नहीं हैं।
संसद में बोलने पर पाबंदी? राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय से उन्हें संसद में बोलने का मौका न देने की सिफारिश की है। उन्होंने ‘आम आदमी’ को संबोधित करते हुए पूछा, “क्या जनता के मुद्दे उठाना अपराध है? क्या मैंने कोई गलती की है?” राघव का कहना है कि जब भी उन्हें मौका मिला, उन्होंने देश की समस्याओं को मजबूती से रखा, लेकिन अब उनकी आवाज दबाई जा रही है।
“मोदी से डरते हैं राघव” – आप का प्रहार: पार्टी ने राघव के आरोपों पर बेहद तीखा पलटवार किया है। ‘आप’ के नेशनल मीडिया चीफ अनुराग ढांडा ने राघव को ‘डरपोक’ करार देते हुए कहा, “पिछले कुछ सालों में राघव, तुम डर गए हो। तुम प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बोलने से कतराते हो। जब देश बचाने की लड़ाई चल रही थी, तब तुम एयरपोर्ट की कैंटीन में समोसे सस्ते करने जैसे फिजूल मुद्दों पर संसद का कीमती समय बर्बाद कर रहे थे।”
बगावत की असली वजह: सूत्रों के मुताबिक, पार्टी राघव के हालिया रुख से काफी नाराज थी। गुजरात में पार्टी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर राघव चुप रहे और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ याचिका पर भी हस्ताक्षर नहीं किए। हद तो तब हो गई जब संसद में प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान पूरी पार्टी ने वॉकआउट किया, लेकिन राघव चड्ढा अपनी सीट पर बैठे रहे। इन्हीं ‘अनुशासनहीन’ हरकतों की वजह से पार्टी ने उनसे यह जिम्मेदारी छीन ली है।