ईरान में लापता अमेरिकी पायलट पर ‘इनाम’ का ऐलान! क्या 1979 जैसा ‘बंधक संकट’ फिर दोहराएगा इतिहास?

ईरान के आसमान पर ‘पूर्ण नियंत्रण’ का दावा करने वाले अमेरिका को शुक्रवार को तब बड़ा झटका लगा, जब उसका एक अत्याधुनिक F-15 लड़ाकू विमान ईरानी डिफेंस सिस्टम का शिकार हो गया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के दावों के उलट, इस घटना ने साबित कर दिया है कि ईरान की सैन्य क्षमताएं अभी खत्म नहीं हुई हैं। अब सबसे बड़ा सवाल उस लापता अमेरिकी विमान सैनिक का है, जो विमान गिरने के बाद से गायब है।

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, वॉशिंगटन में इस मामले को लेकर भारी तनाव है। लापता सैनिक को पकड़ने के लिए ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने लगभग 66 हजार डॉलर (50,000 पाउंड) के इनाम की घोषणा की है। स्थानीय नागरिकों को भी इस तलाशी अभियान में लगाया गया है। अमेरिका के लिए यह स्थिति न केवल सैन्य बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद शर्मनाक हो सकती है। अगर वह सैनिक ईरान के हाथ लग जाता है, तो तेहरान इसे एक बड़े ‘प्रचार हथियार’ के रूप में इस्तेमाल करेगा, जो सीधे तौर पर 1979 के बंधक संकट की यादें ताजा कर देगा।

हालांकि ट्रंप प्रशासन इस घटना को ‘सामान्य’ दिखाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन व्हाइट हाउस के भीतर इस पर ‘सर्च एंड रेस्क्यू’ मिशन को लेकर कई दौर की ब्रीफिंग हो चुकी है। बताया जा रहा है कि एक रेस्क्यू टीम को ईरानी गोलाबारी का सामना करना पड़ा है। ट्रंप ने ईरान को 6 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया है कि वह हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोल दे और समझौते पर हस्ताक्षर करे, वरना उसके तेल ठिकानों को तबाह कर दिया जाएगा। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि लापता अमेरिकी जांबाज पहले अमेरिका के हाथ लगता है या ईरान के।

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