भारत-बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ जवान की रहस्यमयी मौत, ड्यूटी के दौरान सर्विस राइफल से चली गोली

पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एक जवान की अपनी ही सर्विस राइफल की गोली लगने से मौत हो गई है। यह दुखद घटना शनिवार शाम मुरुटिया थाना क्षेत्र के रानीनगर कैंप में हुई। मृतक जवान की पहचान ३४ वर्षीय वैभव अन्ना मंडल के रूप में हुई है, जो बीएसएफ की ११वीं बटालियन में कार्यरत थे। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह एक दुर्घटना थी या जवान ने आत्महत्या का कदम उठाया।

कैसे हुई यह घटना? जानकारी के अनुसार, वैभव शनिवार को कैंप में संतरी (Sentry) की ड्यूटी पर तैनात थे। वह मूल रूप से महाराष्ट्र के जलगांव जिले के खाओकी इलाके के रहने वाले थे। ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी राइफल से गोली चली, जो सीधे उनके जबड़े (Jaw) के नीचे लगी। गोली की आवाज सुनकर कैंप में मौजूद अन्य जवान मौके पर पहुंचे और वैभव को लहूलुहान हालत में करीमपुर ग्रामीण अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुरानी घटनाओं ने बढ़ाई चिंता: पश्चिम बंगाल में सीमा पर तैनात जवानों द्वारा खुद को या सहकर्मियों को गोली मारने की घटनाएं पहले भी सुर्खियां बटोर चुकी हैं। २०२१ में कूचबिहार और २०२२ में ११७वीं बटालियन में हुई आपसी भिड़ंत और सुसाइड की घटनाओं ने सेना के भीतर मानसिक तनाव के मुद्दे को उजागर किया था। रानीनगर की इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और जवानों के मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस और बीएसएफ की जांच शुरू: मुरुटिया पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि राइफल की ट्रिगर गलती से दबी या यह एक सोची-समझी कोशिश थी। बीएसएफ के अधिकारी भी कैंप के अन्य जवानों से पूछताछ कर रहे हैं। वैभव के परिवार को सूचित कर दिया गया है। सीमा की सुरक्षा करते हुए एक जवान की इस तरह मौत ने पूरे बल को शोक में डुबो दिया है।

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