बहरामपुर में बवाल: अधीर के प्रचार में लगातार तीसरे दिन बाधा, चुनाव आयोग ने पुलिस अधिकारी पर लिया एक्शन

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव २०२६ के प्रचार के दौरान बहरामपुर में सियासी पारा सातवें आसमान पर है। कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी को उनके अपने ही गढ़ में लगातार विरोध का सामना करना पड़ रहा है। रविवार सुबह प्रचार के दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेरकर ‘गो-बैक’ के नारे लगाए। इस विरोध से बेफिक्र अधीर चौधरी ने प्रदर्शनकारियों की तुलना ‘भौंकने वाले कुत्तों’ से कर दी, जिससे विवाद और बढ़ गया है।
विरोध और अधीर का कड़ा रुख: रविवार को जब अधीर चौधरी बहरामपुर के दयामयी कालीबाड़ी इलाके में पहुंचे, तो वहां पहले से मौजूद टीएमसी समर्थकों ने उन्हें काले झंडे दिखाए और नारेबाजी की। होसा साको और कांतनगर में भी इसी तरह की उत्तेजना देखी गई। इन घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए अधीर ने कहा, “हाथी चले बाजार, तो कुत्ता भौंके हजार… कुत्तों के भौंकने से हमारा सिरदर्द नहीं होता। हम जनता के बीच जाएंगे, वोट मांगेंगे और चुनाव कराएंगे।”
जनता को दिया भरोसा: अधीर चौधरी ने आरोप लगाया कि निकाय चुनाव के दौरान टीएमसी ने मतदाताओं को डरा-धमका कर रखा था। उन्होंने वार्ड नंबर ८ में प्रचार करते हुए कहा, “इस बार मैं आतंक की राजनीति नहीं चलने दूंगा। चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष होंगे, बहरामपुर के लोग मुझ पर भरोसा रखें। मैं इस शहर को भयमुक्त और आतंकमुक्त बनाने के लिए जो भी जरूरी होगा, वो करूंगा।”
चुनाव आयोग की कार्रवाई: अधीर चौधरी के प्रचार में बार-बार हो रही बाधाओं को चुनाव आयोग ने गंभीरता से लिया है। सूत्रों के मुताबिक, बहरामपुर के आईसी (IC) के खिलाफ विभागीय जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, नामांकन के दिन हंगामा करने वाले ४ टीएमसी कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए गए हैं। आयोग का स्पष्ट संदेश है कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।