PF निकासी के नए नियम: अब 100% पैसा निकालना हुआ आसान, EPFO ने दी बड़ी राहत!

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करोड़ों अंशधारकों के लिए निकासी के नियमों (Withdrawal Rules) को पहले से कहीं अधिक सरल बना दिया है। वर्ष 2026 के अपडेटेड गाइडलाइंस के अनुसार, पीएफ खाते से पैसा निकालना अब किसी लंबी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं रहेगा। सरकार ने निकासी के दावों को तेजी से निपटाने के लिए श्रेणियों को सीमित कर दिया है।

नियमों का सरलीकरण: 13 की जगह अब सिर्फ 3 श्रेणियां इससे पहले, पीएफ निकासी के लिए 13 अलग-अलग आधार दिए गए थे, जिससे प्रक्रिया काफी पेचीदा हो जाती थी। अब इन सबको मर्ज करके केवल तीन मुख्य समूह बनाए गए हैं: अनिवार्य आवश्यकताएं (Essential Needs), आवास की आवश्यकताएं (Housing Needs) और विशेष परिस्थितियां (Special Circumstances)। इन तीन विकल्पों में से किसी एक को चुनकर कर्मचारी आसानी से अपना पैसा निकाल सकते हैं।

100% निकासी कब संभव है? नए नियमों के तहत, कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के योगदान को मिलाकर कुल 100% राशि निकाली जा सकती है। यह सुविधा मुख्य रूप से सेवानिवृत्ति (58 वर्ष) या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के समय उपलब्ध होती है। इसके अतिरिक्त, यदि कोई कर्मचारी शारीरिक रूप से अक्षम हो जाता है या स्थायी रूप से विदेश प्रवास का निर्णय लेता है, तो वह अपने खाते की पूरी धनराशि निकाल सकता है।

बेरोजगारी और आंशिक निकासी के लाभ यदि किसी कारणवश नौकरी चली जाती है, तो खाताधारक तुरंत अपने पीएफ बैलेंस का 75% हिस्सा निकाल सकता है। यदि 12 महीने तक नौकरी नहीं मिलती है, तो शेष 25% राशि भी निकाली जा सकती है। केवल 12 महीने की सेवा के बाद ही कर्मचारी आंशिक निकासी के लिए पात्र हो जाते हैं। बच्चों की शिक्षा (10 बार तक), विवाह (5 बार तक) और गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर या टीबी के इलाज के लिए भी फंड से पैसा निकाला जा सकता है। एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम तीन बार निकासी की अनुमति है।

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