वंदे मातरम के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की पुण्यतिथि पर राष्ट्र ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

वंदे मातरम के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की पुण्यतिथि पर राष्ट्र ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

भारत के गौरव और राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के रचयिता महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की पुण्यतिथि पर आज पूरा देश उन्हें नमन कर रहा है। गृह मंत्री अमित शाह सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं ने उनके राष्ट्रनिर्माण में योगदान और उनके कालजयी साहित्य को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

भारतीय स्वाभिमान के प्रतीक बने बंकिम बाबू

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय केवल एक लेखक नहीं, बल्कि भारतीय राष्ट्रवाद के उन स्तंभों में से थे जिन्होंने अपनी लेखनी से सोए हुए भारतीय स्वाभिमान को जगाया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि बंकिम बाबू ने विदेशी शासन के अन्याय के खिलाफ भारतीयों को एकजुट करने का अविस्मरणीय कार्य किया। उन्होंने ‘वंदे मातरम’ को भाषा और क्षेत्र के बंधनों को तोड़कर आजादी की लड़ाई का स्वर बताया।

आनंदमठ और राष्ट्रभक्ति की चेतना

साहित्यिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो उनका उपन्यास ‘आनंदमठ’ स्वाधीनता संग्राम का एक जीवंत दस्तावेज माना जाता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उल्लेख किया कि उनकी रचनाओं ने पराधीन भारत में स्वाधीनता का स्वर फूंका। नेताओं के अनुसार, बंकिम बाबू का साहित्य आज भी युवाओं को मातृभूमि की सेवा और रक्षा के लिए प्रेरित करता है।

एकता और वैचारिक क्रांति के प्रणेता

बंकिम चंद्र जी के कृतित्व का विश्लेषण करते हुए राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने उनके योगदान को रेखांकित किया:

  • राष्ट्रबोध का संचार: शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बंकिम जी ने जन-जन में राष्ट्रभक्ति की स्वतंत्र चेतना जागृत की।
  • सांस्कृतिक दिशा: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उनके साहित्य को देश की वैचारिक और सांस्कृतिक दिशा देने वाला बताया।
  • अमर विरासत: राजस्थान के मुख्यमंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने उनकी रचनाओं को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरणा का अटूट स्रोत करार दिया।

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की पुण्यतिथि पर दी गई ये श्रद्धांजलियां इस बात की पुष्टि करती हैं कि उनकी अमर रचनाधर्मिता और ‘वंदे मातरम’ का मंत्र आज भी हर भारतीय के हृदय में गर्व और समर्पण का भाव पैदा करता है।

एक झलक

  • गृह मंत्री अमित शाह ने बंकिम बाबू को महान देशभक्त और राष्ट्रवादी साहित्यकार बताया।
  • योगी आदित्यनाथ ने ‘वंदे मातरम’ को भारतीय राष्ट्रचेतना का आत्मा स्वर कहा।
  • विभिन्न नेताओं ने ‘आनंदमठ’ को स्वाधीनता संग्राम की प्रेरणादायी कृति करार दिया।
  • पूरे देश ने उनकी पुण्यतिथि पर उनके कृतित्व और भारतीय संस्कृति के प्रति उनके योगदान को याद किया।

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