दिल्ली-एनसीआर में तीन साल बाद अप्रैल में रिकॉर्ड तोड़ ठंड और बारिश का अलर्ट

दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में मौसम के मिजाज में अचानक आए बदलाव ने सबको हैरान कर दिया है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के कारण इस हफ्ते दिल्ली में पिछले तीन वर्षों का सबसे ठंडा अप्रैल का दिन दर्ज किया गया। दिनभर आसमान में बादलों का डेरा रहने और तेज बारिश के चलते तापमान में भारी गिरावट आई है।
मौसम बदलने के मुख्य कारण और प्रभाव
राष्ट्रीय राजधानी में रुक-रुक कर हुई भारी बारिश और 50 से 56 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली बर्फीली हवाओं ने दिन में ही अंधेरा कर दिया। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस असामान्य बदलाव के पीछे एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। 8 अप्रैल को भी स्थिति में बड़े सुधार की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूरे दिन बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है।
बारिश के आंकड़े और वर्तमान स्थिति
दिल्ली के विभिन्न केंद्रों पर दर्ज की गई बारिश के आंकड़े इस प्रकार हैं:
- सफदरजंग और लोधी रोड में 3-3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
- पालम और रिज के क्षेत्रों में 2.1-2.1 मिलीमीटर की वर्षा हुई।
- आयानगर में दिन के समय 2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
आज के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज के लिए राजधानी में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। इसके तहत निम्नलिखित सावधानियां और पूर्वानुमान बताए गए हैं:
- पूरे दिन रुक-रुक कर हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।
- दोपहर और शाम के समय 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
- आसमान में बादलों की आवाजाही के साथ बिजली कड़कने की भी संभावना है।
- सुबह के समय भी तेज हवाओं के साथ बारिश के छोटे स्पेल देखने को मिल सकते हैं।
यह मौसम न केवल तापमान को कम रख रहा है, बल्कि आने वाले कुछ घंटों तक दिल्लीवासियों को गर्मी से राहत तो देगा, लेकिन तेज हवाओं के कारण सामान्य जनजीवन और यातायात पर इसका असर पड़ सकता है।
एक झलक
- दिल्ली में तीन साल का सबसे ठंडा अप्रैल का दिन दर्ज।
- 50-56 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली तूफानी हवाएं।
- सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में आया बड़ा बदलाव।
- 8 अप्रैल के लिए मौसम विभाग का ‘येलो अलर्ट’ जारी।
- दोपहर और शाम को तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना।