नारायण साईं और जानकी देवी का तलाक मंजूर इंदौर कोर्ट ने दिया 2 करोड़ रुपये एलिमनी का आदेश

लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद के बाद इंदौर के कुटुंब न्यायालय ने स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम के बेटे नारायण साईं और उनकी पत्नी जानकी देवी के तलाक की याचिका को स्वीकार कर लिया है। कोर्ट ने इस मामले में जानकी देवी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए नारायण साईं को 2 करोड़ रुपये की स्थायी भरण-पोषण राशि यानी एलिमनी देने का भी निर्देश दिया है। यह फैसला नारायण साईं के लिए एक बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है।
विवाह विच्छेद और विवाद की पृष्ठभूमि
नारायण साईं और जानकी देवी का विवाह वर्ष 2008 में संपन्न हुआ था। हालांकि, शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के रिश्तों में खटास आ गई थी। साल 2013 से ही दोनों अलग रह रहे थे। विवाद इतना बढ़ गया कि जानकी देवी ने साल 2018 में आधिकारिक रूप से अदालत में तलाक के लिए आवेदन किया। पिछले कई वर्षों से वह अपनी मां के साथ रह रही थीं।
याचिका में लगाए गए गंभीर आरोप
अदालत में सुनवाई के दौरान जानकी देवी की ओर से नारायण साईं के चरित्र और व्यवहार पर कई गंभीर सवाल उठाए गए। याचिका में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं को आधार बनाया गया:
- विवाह के पश्चात वैवाहिक संबंधों का अभाव।
- नारायण साईं के अन्य महिलाओं के साथ अनैतिक संबंधों का आरोप।
- सूरत की अदालत द्वारा नारायण साईं को बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया जाना।
- पति द्वारा पत्नी का पूरी तरह से परित्याग कर देना।
कोर्ट ने इन तथ्यों और सबूतों को ध्यान में रखते हुए तलाक की डिक्री जारी की। गौरतलब है कि सुनवाई के दौरान नारायण साईं की ओर से इन आरोपों के खिलाफ कोई ठोस दलील पेश नहीं की जा सकी।
संपत्ति की कुर्की और बकाया राशि का संकट
तलाक के आदेश के साथ ही अदालत ने भरण-पोषण के मुद्दे पर भी कड़ा रुख अपनाया है। जानकी देवी के वकील अनुराग चंद्र गोयल के अनुसार, पहले कोर्ट ने 50 हजार रुपये प्रतिमाह देने का निर्देश दिया था, जिसकी लगभग 50 लाख रुपये की राशि अभी भी बकाया है।
इस बकाया राशि की वसूली के लिए नारायण साईं की संपत्तियों का विवरण कलेक्टर को सौंप दिया गया है। वर्तमान में इन संपत्तियों के सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। यदि निर्धारित समय में राशि का भुगतान नहीं किया जाता है, तो प्रशासन द्वारा संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई की जा सकती है। नारायण साईं का पक्ष अब इस आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करने पर विचार कर रहा है।
एक झलक
- पक्षकार: नारायण साईं और जानकी देवी।
- न्यायालय: कुटुंब न्यायालय, इंदौर।
- प्रमुख फैसला: तलाक की याचिका मंजूर और विवाह विच्छेद का आदेश।
- एलिमनी राशि: 2 करोड़ रुपये की स्थायी भरण-पोषण राशि।
- बकाया भुगतान: धारा 125 के तहत लगभग 50 लाख रुपये की बकाया वसूली लंबित।
- संभावित कार्रवाई: बकाया न चुकाने पर संपत्तियों की कुर्की हो सकती है।