आगरा के मंदिर में भीषण हादसा हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से महिला की मौत

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के मजरा दारापुरा गांव से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ के एक शिव मंदिर में पूजा करने गई महिला की बिजली की चपेट में आने से दर्दनाक मृत्यु हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब मंदिर के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन का तार शिखर पर लगे त्रिशूल से टकरा गया।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह के समय गांव में तेज आंधी चल रही थी। मौसम के मिजाज के बीच 49 वर्षीय पुष्पा हमेशा की तरह भोलेनाथ के मंदिर में पूजा करने पहुंची थीं। आंधी के कारण मंदिर के शिखर पर लगा त्रिशूल हिलने लगा और ऊपर से गुजर रही बिजली की हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। इसके परिणामस्वरूप पूरे मंदिर परिसर में तेज करंट फैल गया।
पूजा के दौरान हुआ वज्रपात
हादसे के वक्त पुष्पा पूजा संपन्न करने के बाद मंदिर का घंटा बजाने के लिए आगे बढ़ी थीं। जैसे ही उन्होंने घंटे को छुआ, वह बुरी तरह करंट की चपेट में आ गईं। करंट का प्रवाह इतना शक्तिशाली था कि उन्हें बचने का कोई अवसर नहीं मिला और मौके पर ही उनकी जान चली गई।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश
जब पुष्पा काफी देर तक घर नहीं लौटीं, तो उनकी बेटी वर्षा उन्हें देखने मंदिर पहुंची। वहां अपनी मां को अचेत अवस्था में देखकर उसके शोर मचाने पर ग्रामीण जमा हुए। पुष्पा को तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि मंदिर के ऊपर से हाईटेंशन लाइन का निकलना पहले से ही खतरे का संकेत था, लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद विभाग ने इसे हटाने की जहमत नहीं उठाई।
सुरक्षा मानकों पर उठते सवाल
यह घटना सार्वजनिक स्थानों और धार्मिक स्थलों के पास से गुजरने वाली बिजली की लाइनों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और प्रशासन मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है। स्थानीय लोगों की मांग है कि दोषियों पर कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
एक झलक
- स्थान: मजरा दारापुरा गांव, आगरा, उत्तर प्रदेश।
- मृतक: 49 वर्षीय पुष्पा।
- मुख्य कारण: आंधी के कारण त्रिशूल का हाईटेंशन लाइन से टकराना।
- प्रशासनिक कार्रवाई: शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, मामले की जांच जारी।
- ग्रामीणों की मांग: लापरवाही बरतने वाले बिजली विभाग पर कार्रवाई की मांग।