ट्रंप की कूटनीति के आगे झुका ईरान और खुल गया होर्मुज जलडमरूमध्य

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा भीषण संघर्ष फिलहाल थम गया है। दो सप्ताह के संघर्ष विराम (सीजफायर) की घोषणा के बाद दुनिया ने राहत की सांस ली है। इस पूरे घटनाक्रम को व्हाइट हाउस ने संयुक्त राज्य अमेरिका की एक बड़ी रणनीतिक जीत करार दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त रुख और सैन्य दबाव के कारण न केवल युद्ध रुका है, बल्कि वैश्विक तेल व्यापार के लिए महत्वपूर्ण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को भी फिर से खोल दिया गया है।
अमेरिका की बड़ी कूटनीतिक जीत
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लीविट ने इस समझौते को राष्ट्रपति ट्रंप की अटूट इच्छाशक्ति का परिणाम बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के माध्यम से अमेरिका ने अपने सैन्य लक्ष्यों को समय से पहले हासिल कर लिया। ट्रंप ने इस ऑपरेशन के लिए 4 से 6 सप्ताह का अनुमान लगाया था, लेकिन अमेरिकी सेना ने महज 38 दिनों में ही ईरान को बातचीत की मेज पर आने के लिए मजबूर कर दिया।
रणनीतिक बढ़त और सैन्य क्षमता का प्रदर्शन
कैरोलिन लीविट के अनुसार अमेरिकी सेना की अविश्वसनीय क्षमताओं ने कूटनीतिक स्तर पर ट्रंप प्रशासन को वह बढ़त दिलाई, जिससे तेहरान के साथ कड़े समझौते करना संभव हो सका। इस सैन्य दबाव का ही नतीजा था कि तेहरान को दी गई समयसीमा समाप्त होने से महज 2 घंटे पहले युद्ध विराम पर सहमति बनी। अब यह सैन्य सफलता एक दीर्घकालिक शांति और कूटनीतिक समाधान का मार्ग प्रशस्त कर रही है।
होर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना और उसका प्रभाव
इस समझौते का सबसे महत्वपूर्ण पहलू ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का फिर से खुलना है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए यह जलमार्ग अत्यंत संवेदनशील है। ईरान द्वारा इसे बंद किए जाने की धमकी या बाधा से वैश्विक बाजार में अस्थिरता का खतरा बना हुआ था। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस समझौते के माध्यम से सुनिश्चित किया कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग सुरक्षित रहे, जो अमेरिका के वैश्विक आर्थिक हितों की रक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इस्लामाबाद में होने वाली अहम बैठक
संघर्ष विराम के साथ ही भविष्य की रूपरेखा भी तैयार कर ली गई है। 10 अप्रैल को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि आमने-सामने होंगे। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने इस बातचीत के लिए रजामंदी दे दी है। हालांकि, सीजफायर की घोषणा के बावजूद कुछ क्षेत्रों में छिटपुट हमलों की खबरें आई हैं, लेकिन इस्लामाबाद वार्ता से इस क्षेत्रीय तनाव के स्थाई समाधान की उम्मीद जगी है।
एक झलक
- अमेरिका और ईरान के बीच 2 सप्ताह के संघर्ष विराम पर सहमति बनी।
- व्हाइट हाउस ने इसे राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिकी सेना की ऐतिहासिक जीत बताया।
- महज 38 दिनों में ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के मुख्य सैन्य लक्ष्य प्राप्त किए गए।
- वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को फिर से खोला गया।
- शांति वार्ता के लिए 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में दोनों देशों की बैठक होगी।