‘बैन’ कल्चर का होगा खात्मा? देव के 72 घंटे वाले अल्टीमेटम से इंडस्ट्री में मची हलचल!

अभिनेता राहुल अरुणोदय बनर्जी की अचानक और असामान्य मृत्यु ने बंगाली फिल्म उद्योग यानी टॉलीवुड को एक गहरे आत्मचिंतन की ओर धकेल दिया है। पिछले दस दिनों से जारी तनाव और अनिश्चितकालीन कार्य बंद (Work Strike) के बाद, मंगलवार को हुई मैराथन बैठकों के बाद आखिरकार हड़ताल खत्म हो गई है। बुधवार सुबह से ही टॉलीवुड अपनी पुरानी लय में लौट आया है, लेकिन इस बार माहौल बदला हुआ है। इंडस्ट्री के ‘बड़े भाई’ प्रसेनजीत चटर्जी लगातार यह याद दिला रहे हैं कि पूरा टॉलीवुड एक परिवार है।
इस संकट के बीच, सुपरस्टार देव ने एक ऐसी घोषणा की जिसने सबका ध्यान खींचा है। राहुल की मौत और कलाकारों की सुरक्षा पर चर्चा के दौरान देव ने कहा, “राहुल का जाना हमारे लिए एक सबक है। किसी कलाकार को काम से रोकना कितना दर्दनाक हो सकता है, यह अब हम समझ रहे हैं। बम्बदा (प्रसेनजीत) ने मुझे आश्वासन दिया है कि अगले 72 घंटों के भीतर उन सभी अभिनेताओं और निर्देशकों को काम पर वापस लाया जाएगा, जिन्हें ‘बैन’ या ‘बॉयकॉट’ किया गया था।” देव ने स्पष्ट किया कि अब आर्टिस्ट फोरम और फेडरेशन अलग नहीं, बल्कि एक ही छत के नीचे हैं।
हालांकि, देव के इस बयान पर फेडरेशन अध्यक्ष स्वरूप विश्वास ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि जब तकनीशियन (Technicians) पिछले डेढ़ साल से अपनी न्यूनतम मजदूरी और अधिकारों के लिए अदालतों के चक्कर काट रहे थे, तब किसी ने उनकी सुध नहीं ली। विश्वास ने तीखे लहजे में कहा, “देव आज जो 72 घंटे की बात कर रहे हैं, अगर एक साल पहले तकनीशियनों के लिए कही होती तो बेहतर होता। तकनीशियनों को अपना फिक्स्ड डिपॉजिट तोड़कर घर चलाना पड़ा है। बोलना आसान है, लेकिन धरातल पर काम करना मुश्किल।” राहुल की मौत ने इंडस्ट्री को एकजुट तो किया है, लेकिन अंदरूनी मतभेद अब भी सतह पर हैं।