बंगाल चुनाव में छिड़ा ‘वोट और योजना’ का युद्ध, टीएमसी नेता के बयान पर बीजेपी-सीपीएम का कड़ा पलटवार

पश्चिम बंगाल के मेमारी में एक चुनावी सभा के दौरान तृणमूल कांग्रेस की महिला नेता के बिगड़े बोल ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। मेमारी ब्लॉक 1 की महिला टीएमसी अध्यक्ष गीता दास ने जनसभा में खुलेआम धमकी देते हुए कहा, “जिनके घर की दीवारों पर कमल का फूल बना है, अगर उसे नहीं मिटाया गया, तो उनके घर की ‘लक्ष्मी भंडार’ (Lakshmir Bhandar) योजना बंद कर दी जाएगी।” यह विवादित बयान अभिनेता और सांसद देव की उपस्थिति से ठीक पहले दिया गया।

गीता दास ने तीखा हमला बोलते हुए आगे कहा, “तुम लोग मोदी से शराब और मांस के पैसे ले रहे हो और ममता बनर्जी की बुराई कर रहे हो। शर्म आनी चाहिए।” उन्होंने स्थानीय महिलाओं से अपील की कि जब बीजेपी वाले वोट मांगने आएं, तो उन्हें झाड़ू लेकर खदेड़ दें। इस बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी उम्मीदवार मानव गुह ने कहा कि हार के डर से टीएमसी नेता धमकियों पर उतर आए हैं, जिसका जवाब जनता वोट से देगी। सीपीएम उम्मीदवार कृशानु भद्र ने भी इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है।

हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद भी गीता दास ने अपने बयान का बचाव किया। उन्होंने तर्क दिया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने ही इन लोगों के फॉर्म भरे थे, ताकि उन्हें सरकारी मदद मिल सके। उन्होंने कहा, “जब आप ममता बनर्जी की योजना का लाभ ले रहे हैं, तो दीवारों पर कमल क्यों रहने दें? अगर योजना का लाभ चाहिए, तो कमल का साथ छोड़ना होगा।” बंगाल में नामांकन के शोर के बीच इस ‘धमकी’ ने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है।

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