युद्धविराम के बीच ट्रंप की बढ़ी मुश्किलें 85 सांसदों और प्रदर्शनकारियों ने उठाई इस्तीफे की मांग

मिडिल ईस्ट में दो हफ्तों के लिए घोषित संघर्षविराम (सीजफायर) ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में शांति की उम्मीद तो जगाई है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए यह घरेलू मोर्चे पर भारी मुसीबत लेकर आया है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने की खबरों के बीच व्हाइट हाउस के बाहर माहौल तनावपूर्ण हो गया है। ट्रंप प्रशासन के खिलाफ न केवल जनता सड़कों पर है, बल्कि राजनीतिक घेराबंदी भी तेज हो गई है।
सत्ता के गलियारों में बगावत
सीजफायर के ऐलान के तुरंत बाद अमेरिकी राजनीति में बड़ा भूचाल देखने को मिला है। कुल 85 सांसदों ने एकजुट होकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस्तीफे की मांग कर दी है। इन सांसदों का मानना है कि वर्तमान नेतृत्व की नीतियों ने देश की छवि और वैश्विक स्थिरता को नुकसान पहुंचाया है। सांसदों के इस कड़े रुख ने व्हाइट हाउस पर दबाव काफी बढ़ा दिया है।
व्हाइट हाउस के बाहर भारी प्रदर्शन
वाशिंगटन डी.सी. में व्हाइट हाउस के सामने बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ट्रंप प्रशासन के फैसले दुनिया भर में क्रूरता और युद्ध अपराधों को बढ़ावा दे रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल मॉर्गन टेलर नामक एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि देश और दुनिया के वर्तमान हालात को अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे चुनाव तक इंतजार करने के पक्ष में नहीं हैं और इस शासन को तुरंत खत्म होना चाहिए।
सैन्य कार्रवाई और मानवाधिकारों पर सवाल
प्रदर्शनकारियों में सैन्य कार्रवाई के खिलाफ भी गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि ईरान पर की गई बमबारी और अन्य विदेशी सैन्य अभियानों में निर्दोष नागरिकों की जान गई है, जो सरासर अन्याय है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि अमेरिका को बिना किसी ठोस बहाने के अन्य देशों पर बमबारी बंद करनी चाहिए क्योंकि इससे पूरे क्षेत्र की शांति भंग होती है।
प्रभाव और विश्लेषण
यह विरोध प्रदर्शन केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं बल्कि पूरी शासन प्रणाली के खिलाफ दिखाई दे रहा है। जानकारों का मानना है कि सीजफायर के बाद उपजा यह असंतोष ट्रंप की आगामी राजनीतिक राह को और कठिन बना सकता है। प्रदर्शनकारियों ने संकल्प लिया है कि जब तक राष्ट्रपति पद नहीं छोड़ते, वे रोजाना सड़कों पर उतरेंगे।
एक झलक
- मिडिल ईस्ट में दो हफ्तों के लिए सीजफायर लागू।
- अमेरिका के 85 सांसदों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का इस्तीफा मांगा।
- व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शनकारियों का भारी जमावड़ा।
- प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप प्रशासन पर ‘युद्ध अपराध’ का आरोप लगाया।
- विदेशी सैन्य कार्रवाइयों में नागरिक मौतों को लेकर जनता में गुस्सा।