साइबर सुरक्षा में क्रांति! लिनक्स और ओपन-बीएसडी के सुरक्षा छिद्रों को उजागर करेगा क्लाउड मिथोस

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में ‘एंथ्रोपिक’ (Anthropic) ने अपने नए मॉडल ‘क्लाउड मिथोस प्रीव्यू’ (Claude Mythos Preview) के साथ एक बड़ा धमाका किया है। कंपनी का दावा है कि यह एआई मॉडल वेब ब्राउज़र और ऑपरेटिंग सिस्टम में हजारों ऐसी ‘जीरो-डे’ (Zero-day) कमजोरियों की पहचान कर सकता है, जिन्हें आज तक इंसान नहीं देख पाए थे। जीरो-डे कमजोरियां वे बग्स होते हैं जिनके बारे में सॉफ्टवेयर डेवलपर्स को पहले से पता नहीं होता।
२७ साल पुरानी खामी उजागर: क्लाउड मिथोस की सबसे बड़ी उपलब्धि ‘ओपन-बीएसडी’ (OpenBSD) में २७ साल पुरानी एक छिपी हुई कमजोरी को ढूंढना है। ओपन-बीएसडी को दुनिया के सबसे सुरक्षित ऑपरेटिंग सिस्टमों में से एक माना जाता है। इसके अलावा, लिनक्स कर्नेल (Linux Kernel) में भी कई गंभीर खामियां मिली हैं। एंथ्रोपिक का कहना है कि इन कमजोरियों का फायदा उठाकर हमलावर किसी भी मशीन पर पूरी तरह कब्जा कर सकते थे।
४० से अधिक टेक कंपनियों के साथ साझेदारी: एंथ्रोपिक ने घोषणा की है कि वे इन सुरक्षा जोखिमों को हल करने के लिए ४० से अधिक प्रमुख तकनीकी कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। पब्लिसिस (Publicis) को यह सेवा देने से पहले कंपनी इसके सुरक्षा मानकों को और कड़ा कर रही है। एंथ्रोपिक ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि यह अब तक का सबसे शक्तिशाली और सुरक्षित एआई मॉडल होने जा रहा है।
क्लाउड मिथोस की खोज: दिलचस्प बात यह है कि इस मॉडल का पता पहली बार एंथ्रोपिक के सीएमएस (CMS) डेटा लीक के माध्यम से चला था। उस समय कंपनी ने पुष्टि की थी कि वे एक बेहद शक्तिशाली एआई विकसित कर रहे हैं। आज यह मॉडल दुनिया भर के सर्वरों को शक्ति प्रदान करने वाले लिनक्स और अन्य प्रणालियों की सुरक्षा के लिए एक ढाल बनकर उभर रहा है।