बीजेपी की छठी लिस्ट में बड़ा दांव! जेल से बाहर आते ही फिरहाद को चुनौती देंगे राकेश सिंह, हाईकोर्ट की कड़ी नजर

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव २०२६ के लिए बीजेपी ने अपनी छठी उम्मीदवार सूची जारी कर दी है, जिसमें सबसे चौंकाने वाला नाम ‘कोलकाता पोर्ट’ विधानसभा सीट का है। बीजेपी ने यहां से ममता सरकार के कद्दावर मंत्री और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम के खिलाफ अपने फायरब्रांड नेता राकेश सिंह को मैदान में उतारा है। राकेश सिंह का नाम सामने आते ही इस सीट पर मुकाबला बेहद रोमांचक और हाई-प्रोफाइल हो गया है।
शर्तों के साथ मिली चुनावी आजादी राकेश सिंह हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर मामलों में लंबे समय से जेल में थे। चुनाव लड़ने के उद्देश्य से उन्होंने कोलकाता हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। ६ अप्रैल को जस्टिस कौशिक चंदा ने उन्हें १ लाख रुपये के निजी मुचलके पर अंतरिम जमानत दी। हालांकि, कोर्ट ने उनके मूवमेंट पर कड़ी पाबंदी लगाई है। आदेश के अनुसार, राकेश सिंह को केवल अपने निर्वाचन क्षेत्र ‘कोलकाता पोर्ट’ की सीमा के भीतर ही रहना होगा। वे केवल नामांकन दाखिल करने और ४ मई को मतगणना के दिन ही इस क्षेत्र से बाहर जा सकते हैं।
कानूनी पेंच और राजनीतिक भविष्य हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया था कि यदि राकेश सिंह को पार्टी से टिकट नहीं मिलता, तो पुलिस उनकी जमानत रद्द करने की अपील कर सकती थी। अब चूंकि वे आधिकारिक उम्मीदवार बन चुके हैं, उन्हें चुनाव प्रचार की अनुमति मिली है। इस मामले की अगली सुनवाई ६ मई को होनी है, जो चुनाव नतीजों के ठीक बाद उनके भविष्य का फैसला करेगी।
कांटे की टक्कर की उम्मीद फिरहाद हकीम इस क्षेत्र से कई बार जीत चुके हैं और उनका यहां मजबूत आधार है। दूसरी ओर, राकेश सिंह की अपनी एक अलग छवि है और वे अपने आक्रामक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। बीजेपी को उम्मीद है कि राकेश सिंह के जरिए वे फिरहाद हकीम को उनके ही गढ़ में कड़ी चुनौती दे पाएंगे। चुनाव आयोग और हाईकोर्ट की कड़ी निगरानी में पोर्ट एरिया का यह चुनावी दंगल पूरे बंगाल की नजरों में रहेगा।