ईरानी सीमा में छिपे पायलट को CIA ने ‘धड़कन’ से ढूँढा! फेल हुआ दुश्मन का पहरा, चला ‘घोस्ट मरमर’ का जादू

ईरान के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में एक ऐसी घटना घटी है जिसने पूरी दुनिया के सैन्य विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने अपने एक लापता पायलट को बचाने के लिए एक ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया है, जो अब तक केवल साइंस-फिक्शन फिल्मों में देखी जाती थी। इस तकनीक का नाम है ‘घोस्ट मरमर’ (Ghost Murmur), जो मीलों दूर से केवल इंसान के दिल की धड़कन को ट्रैक करके उसकी सटीक लोकेशन बता देती है।

ईरान की घेराबंदी और जादुई बचाव: रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के हवाई क्षेत्र में अमेरिका का एक F-15E फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान के दो चालक दल के सदस्यों में से एक को तुरंत बचा लिया गया, लेकिन दूसरा सदस्य (वेपन्स सिस्टम ऑफिसर) पहाड़ियों के बीच दुश्मन सेना से घिरा हुआ था। ईरानी सेना उसे ढूंढने के लिए चप्पा-चप्पा छान रही थी। ऐसी स्थिति में CIA ने अपना सबसे गुप्त हथियार ‘घोस्ट मरमर’ एक्टिवेट किया।

क्या है ‘Ghost Murmur’ की तकनीक? लॉकहीड मार्टिन के ‘स्कंक वर्क्स’ विभाग द्वारा विकसित यह तकनीक लॉन्ग-रेंज क्वांटम मैग्नेटोमेट्री पर आधारित है। हर इंसान के दिल की धड़कन का एक अनोखा इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पैटर्न होता है, जिसे ‘हार्ट फिंगरप्रिंट’ कहा जाता है। यह डिवाइस अत्याधुनिक AI की मदद से हवा के शोर, जानवरों की धड़कन और इलेक्ट्रॉनिक शोर के बीच से केवल टारगेट व्यक्ति की धड़कन को पहचान लेती है।

ट्रम्प का बड़ा खुलासा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि पायलट को लगभग 40 मील की दूरी से सफलतापूर्वक ट्रैक किया गया। इस तकनीक के पीछे का संदेश साफ है— “जब तक आपका दिल धड़क रहा है, हम आपको ढूंढ निकालेंगे।” ईरान जैसे चुनौतीपूर्ण इलाके में इस तकनीक का सफल इस्तेमाल यह साबित करता है कि अब युद्ध के मैदान में छिपना लगभग नामुमकिन हो गया है। इस रेस्क्यू ऑपरेशन ने ईरान की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीक को पूरी तरह बौना साबित कर दिया है।

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