डायबिटीज की दवा ओजेम्पिक से आंखों की रोशनी जाने का खतरा रिसर्च में बड़ा खुलासा

डायबिटीज के इलाज और वजन घटाने के लिए वर्तमान में दुनिया भर में मशहूर दवा ‘ओजेम्पिक’ अब विवादों में है। डेनमार्क में हुए एक हालिया और व्यापक शोध ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों के बीच चिंता पैदा कर दी है। इस रिसर्च के अनुसार ओजेम्पिक का सेवन करने वाले मरीजों में आंखों की एक दुर्लभ लेकिन अत्यंत गंभीर बीमारी का खतरा दोगुना तक बढ़ सकता है। यह दवा जो अब तक वजन घटाने के लिए एक ‘चमत्कारी’ विकल्प मानी जा रही थी अब अपनी सुरक्षा और संभावित दुष्प्रभावों को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में है।
क्या है आंखों का स्ट्रोक और इसका प्रभाव
साउथ डेनमार्क विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने अपनी स्टडी में ‘नॉन-आर्टेरिटिक एंटीरियर इस्केमिक ऑप्टिक न्यूरोपैथी’ (NAION) नामक समस्या का विश्लेषण किया है। इस बीमारी के मुख्य लक्षण और कारण इस प्रकार हैं:
- ऑप्टिक नर्व पर असर: यह समस्या तब उत्पन्न होती है जब आंख की ऑप्टिक नर्व तक रक्त का प्रवाह अचानक रुक जाता है।
- स्थायी अंधापन: रक्त संचार बाधित होने के कारण व्यक्ति की एक या दोनों आंखों की रोशनी अचानक और स्थायी रूप से जा सकती है।
- आंखों का स्ट्रोक: चिकित्सा जगत में इस स्थिति को अक्सर “आंखों का स्ट्रोक” कहा जाता है क्योंकि यह मस्तिष्क के स्ट्रोक की तरह ही अंगों की कार्यक्षमता को तुरंत प्रभावित करता है।
4.24 लाख मरीजों पर किए गए शोध के डरावने आंकड़े
वैज्ञानिकों ने टाइप-2 डायबिटीज के 4.24 लाख से अधिक मरीजों के आंकड़ों का सूक्ष्मता से अध्ययन किया। इस शोध से प्राप्त निष्कर्ष चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक चेतावनी की तरह हैं:
- जोखिम में भारी वृद्धि: अन्य दवाएं लेने वाले मरीजों की तुलना में ओजेम्पिक का उपयोग करने वालों में NAION का खतरा 2 गुना अधिक पाया गया।
- मामलों की बढ़ती संख्या: आंकड़ों के अनुसार साल 2018 से पहले जब इस दवा का उपयोग सीमित था तब इस बीमारी के सालाना 60-70 मामले दर्ज होते थे। अब यह संख्या बढ़कर 150 के करीब पहुंच गई है।
- वैश्विक पुष्टि: डेनमार्क की इस बड़ी स्टडी ने अमेरिका में हुए पिछले शोधों के उन संकेतों की पुष्टि कर दी है जिनमें इस दवा के दुष्प्रभावों की ओर इशारा किया गया था।
ओजेम्पिक की लोकप्रियता और छिपे हुए खतरे
ओजेम्पिक का बाजार पिछले कुछ वर्षों में बहुत तेजी से फैला है। इसकी लोकप्रियता के पीछे मुख्य रूप से दो कारण रहे हैं: यह टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों में ब्लड शुगर को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करती है और वजन घटाने में इसके ‘जादुई’ परिणामों ने इसे गैर-डायबिटीज लोगों के बीच भी लोकप्रिय बना दिया है। हालांकि विश्लेषण यह संकेत देता है कि बिना डॉक्टरी परामर्श के वजन घटाने के लिए इसका अनियंत्रित उपयोग आंखों के लिए घातक साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों का विश्लेषण और सावधानी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यद्यपि NAION एक दुर्लभ बीमारी की श्रेणी में आती है लेकिन ओजेम्पिक के साथ इसके बढ़ते जुड़ाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ब्लड शुगर कंट्रोल करना अनिवार्य है लेकिन दवा के चुनाव में अब अधिक सतर्कता की आवश्यकता है। मरीजों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी बदलाव से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें।
एक झलक
- मुख्य दवा: ओजेम्पिक (डायबिटीज और वजन घटाने के लिए उपयोग)।
- बड़ा खतरा: आंखों की रोशनी का स्थायी रूप से जाना (NAION)।
- शोध का आधार: डेनमार्क में 4.24 लाख मरीजों के डेटा का विश्लेषण।
- प्रमुख निष्कर्ष: दवा लेने वालों में आंखों के स्ट्रोक का खतरा अन्य की तुलना में दोगुना।
- बढ़ते मामले: 2018 के बाद से बीमारी के वार्षिक मामलों में लगभग 100 प्रतिशत की वृद्धि।