आरबीआई का बड़ा फैसला रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं और लोन की ईएमआई पर सस्पेंस बरकरार

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने एक बार फिर देश की आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता देते हुए ब्याज दरों को यथावत रखने का निर्णय लिया है। गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई तीन दिवसीय बैठक के बाद यह स्पष्ट कर दिया गया कि नीतिगत रेपो रेट 5.25% पर स्थिर रहेगा। वैश्विक अनिश्चितताओं और महंगाई के दबाव के बीच आरबीआई का यह कदम बाजार में संतुलन बनाए रखने की एक सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है।
ब्याज दरों की वर्तमान स्थिति और आरबीआई का रुख
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने घोषणा की कि एमपीसी ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखने का फैसला किया है। इसके साथ ही अन्य प्रमुख दरों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है:
- रेपो रेट: 5.25%
- स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF): 5%
- मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF): 5.5%
- बैंक रेट: 5.5%
आरबीआई ने अपना रुख ‘न्यूट्रल’ (तटस्थ) रखा है। इसका अर्थ यह है कि भविष्य में आर्थिक परिस्थितियों और मुद्रास्फीति के आंकड़ों के आधार पर बैंक किसी भी दिशा में कदम उठाने के लिए स्वतंत्र है।
मजबूत जीडीपी ग्रोथ और आर्थिक संकेत
आर्थिक मोर्चे पर भारत के लिए अच्छी खबर है। गवर्नर ने जानकारी दी कि पिछले वर्ष देश की वास्तविक जीडीपी विकास दर 7.6% रहने का अनुमान है। घरेलू खपत में बढ़ोतरी और निवेश के बेहतर माहौल ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की है। जीएसटी के सरलीकरण और सर्विस सेक्टर में निरंतर तेजी ने भी विकास की रफ्तार को सहारा दिया है।
वैश्विक संकट और महंगाई की चुनौतियां
मजबूत घरेलू आंकड़ों के बावजूद वैश्विक चुनौतियां चिंता का विषय बनी हुई हैं। विशेष रूप से हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित किया है। सप्लाई चेन में आने वाली इन बाधाओं के कारण महंगाई बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है। आरबीआई इन स्थितियों पर कड़ी नजर रख रहा है ताकि विकास दर पर इसका प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
आम आदमी और कर्जदारों पर प्रभाव
आरबीआई के इस फैसले का सीधा असर लोन लेने वाले ग्राहकों पर पड़ेगा। रेपो रेट स्थिर रहने का मतलब है कि फिलहाल होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन की ईएमआई में किसी बड़ी कटौती की उम्मीद नहीं है। बैंक अभी ब्याज दरों को कम करने में सावधानी बरतेंगे। हालांकि, 2025 में दरों में कुल 125 बेसिस पॉइंट की कटौती से जो राहत मिली थी, वह फिलहाल बरकरार रहेगी।
एक झलक
- रेपो रेट 5.25% पर स्थिर, कोई बदलाव नहीं।
- आरबीआई ने भविष्य के लिए ‘न्यूट्रल’ रुख अपनाया।
- देश की जीडीपी ग्रोथ 7.6% रहने का अनुमान।
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य संकट से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का डर।
- लोन की ईएमआई में फिलहाल कटौती की संभावना नहीं।