असफलता से सफलता तक का सफर तय कर रिया सैनी बनीं आईएएस अफसर

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की रहने वाली रिया सैनी की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए एक मिसाल है जो संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। यूपीएससी 2024 की परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 22वीं रैंक हासिल करने वाली रिया की यह उपलब्धि कड़ी मेहनत और अटूट धैर्य का परिणाम है। उनकी यात्रा पहले प्रयास में मिली विफलता से शुरू होकर देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा में चयन तक पहुंचती है।
असफलता को बनाया सफलता की सीढ़ी
रिया सैनी का यूपीएससी का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा। अपने पहले प्रयास में वह प्रारंभिक परीक्षा (प्रीलिम्स) भी पास नहीं कर पाई थीं। हालांकि इस विफलता ने उन्हें हतोत्साहित करने के बजाय अपनी गलतियों का विश्लेषण करने के लिए प्रेरित किया। दूसरे प्रयास में उन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया और उनका चयन रिजर्व लिस्ट में हुआ जिसके माध्यम से उन्हें भारतीय रेलवे यातायात सेवा (IRTS) मिली। इसके बावजूद रिया ने अपने मूल लक्ष्य यानी आईएएस बनने की जिद नहीं छोड़ी और तीसरे प्रयास में अपनी रणनीति बदलकर शानदार सफलता हासिल की।
शैक्षिक पृष्ठभूमि और प्रारंभिक जीवन
रिया एक ऐसे परिवार से आती हैं जहां शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी गई। उनके पिता मुकेश सैनी मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं और उनकी मां एक गृहिणी हैं। रिया शैक्षणिक रूप से हमेशा से मेधावी रही हैं। 10वीं और 12वीं में बेहतरीन अंक प्राप्त करने के बाद उन्होंने जेपी इंस्टीट्यूट, नोएडा से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में बीटेक की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का निर्णय लिया था।
तैयारी की विशेष रणनीति और वैकल्पिक विषय
रिया ने अपनी तैयारी के लिए समाजशास्त्र (Sociology) को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना। उनकी सफलता के पीछे कुछ प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
- नियमितता: रिया हर दिन 7 से 8 घंटे तक समर्पित होकर पढ़ाई करती थीं।
- सीमित संसाधन: उन्होंने बहुत सारी किताबों के बजाय सीमित संसाधनों पर भरोसा किया। लक्ष्मीकांत, एनसीईआरटी और स्पेक्ट्रम जैसी बुनियादी किताबों को उन्होंने बार-बार पढ़ा।
- मॉक टेस्ट का महत्व: रिया का मानना है कि प्रीलिम्स के लिए मॉक टेस्ट अनिवार्य हैं। शुरुआत में वे इससे डरती थीं, लेकिन बाद में उन्होंने महसूस किया कि यह अपनी कमियों को पहचानने का सबसे सटीक तरीका है।
- उत्तर लेखन (Answer Writing): मुख्य परीक्षा के लिए उन्होंने सिलेबस पूरा करने के बाद पिछले वर्षों के प्रश्नों का अभ्यास करने और सरल भाषा में उत्तर लिखने पर जोर दिया।
उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
रिया सैनी के अनुसार, कई छात्र उत्तरों को अनावश्यक रूप से जटिल बना देते हैं, जो एक बड़ी गलती है। उनका मानना है कि सरल भाषा, स्पष्ट विचार और रोजमर्रा के उदाहरणों का उपयोग परीक्षा में बेहतर अंक दिलाने में सहायक होता है। उन्होंने भविष्य के उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे बुनियादी सिद्धांतों पर टिके रहें और बहुत अधिक जटिल सिद्धांतों के चक्कर में न पड़ें।
रिया सैनी की यह सफलता दर्शाती है कि यदि सही दिशा और निरंतरता के साथ प्रयास किया जाए, तो शुरुआती असफलताएं आपके बड़े लक्ष्यों के आड़े नहीं आ सकतीं।
एक झलक
- नाम: रिया सैनी
- रैंक: 22वीं (UPSC 2024)
- निवास: मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
- शिक्षा: बीटेक (इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन)
- वैकल्पिक विषय: समाजशास्त्र
- प्रयास: तीसरे प्रयास में आईएएस बनीं (दूसरे प्रयास में IRTS मिली थी)
- सफलता का मंत्र: सीमित संसाधन और लगातार अभ्यास